हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में नशे के खिलाफ अभियान को नई दिशा देने की तैयारी
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में नशे के खिलाफ अभियान को नई दिशा देने की तैयारी है। जिला प्रशासन को करीब 19 लाख रुपये की लागत से प्रदेश की पहली सो-टाक्सा मोबाइल ड्रग टेस्टिंग मशीन उपलब्ध करवाई गई है। इस मशीन के जरिए मौके पर ही छह श्रेणियों के मादक पदार्थों की प्रारंभिक जांच की जा सकेगी। खास बात यह है कि जांच की शुरुआत उपायुक्त कार्यालय से होगी। उपायुक्त राहुल कुमार स्वयं सबसे पहले अपना ड्रग टेस्ट करवाएंगे। इसके बाद एसडीएम, एडीसी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच की जाएगी। खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के माध्यम से पुलिस प्रशासन को उपलब्ध करवाई गई यह मशीन एम्फेटामाइन, मेथाम्फेटामाइन, बेंजोडायजेपाइन, टीएचसी, कोकीन और ओपिएट्स जैसे पदार्थों की पहचान में मदद करेगी। इस पहल के जरिए प्रशासन नशे के खिलाफ सरकारी तंत्र की जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश देना चाहता है।






