अक्षय तृतीया पर 100 साल बाद बन रहा है ऐसा दुर्लभ योग, इन राशियों पर छप्पर फाड़ होगी धन वर्षा
सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का पर्व धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, इस बार की अक्षय तृतीया बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रही है क्योंकि इस दिन ग्रहों की एक ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है जो लगभग 100 साल बाद देखने को मिल रही है. इस महासंयोग के कारण ब्रह्मांड में 'अक्षय योग', 'मालव्य राजयोग' और 'गजकेसरी योग' का निर्माण हो रहा है.
आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य से इस दुर्लभ योग के बनने से किन भाग्यशाली राशियों पर धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की असीम कृपा बरसने वाली है...
100 साल बाद ग्रहों का अद्भुत संयोग
इस बार अक्षय तृतीया पर ग्रहों के राजा सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में और मन के कारक चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान रहेंगे. सूर्य और चंद्र का एक साथ अपनी-अपनी उच्च राशि में होना एक अत्यंत दुर्लभ घटना है, जिसे ज्योतिष में 'सिद्धिदायक' और 'अक्षय योग' कहा जाता है. इसके साथ ही वृषभ राशि में शुक्र और चंद्रमा की युति से मालव्य और गजकेसरी योग का शुभ प्रभाव भी देखने को मिलेगा.
इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा कुबेर का खजाना
मेष राशि (Aries): सूर्य का आपकी ही राशि में उच्च का होना आपके मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि कराएगा. यदि आपका पैसा लंबे समय से कहीं अटका हुआ था, तो इस दिन के प्रभाव से वह वापस मिल सकता है. व्यापार में बड़ा मुनाफा और कुबेर देव की कृपा से बैंक बैलेंस बढ़ने के प्रबल योग हैं.
वृषभ राशि (Taurus): चंद्रमा का आपकी राशि में उच्च का होना आपके लिए मानसिक शांति और सुख-समृद्धि लेकर आएगा. इस दौरान आपको किसी बड़ी संपत्ति या वाहन खरीदने का अवसर मिल सकता है. माता लक्ष्मी की विशेष कृपा से आपके परिवार में खुशहाली आएगी और आय के नए स्रोत खुलेंगे.
सिंह राशि (Leo): चूंकि सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं, इसलिए इस अक्षय योग का सबसे बड़ा वित्तीय लाभ आपको देखने को मिल सकता है. नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन और इंक्रीमेंट की खुशखबरी मिल सकती है. धन के देवता कुबेर के आशीर्वाद से आपकी आर्थिक तंगी हमेशा के लिए खत्म हो सकती है.
वृश्चिक राशि (Scorpio): आपके लिए यह समय भाग्योदय करने वाला साबित होगा. पिछले काफी समय से करियर या निजी जीवन में चल रहा संघर्ष अब समाप्त होगा. इस शुभ योग के प्रभाव से आपको अचानक धन लाभ (जैसे पैतृक संपत्ति या फंसा हुआ पैसा) होने की पूरी संभावना है.
खरीदारी और पूजा का शुभ मुहूर्त (19 अप्रैल)
पूजा का सबसे उत्तम समय: सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक.
सोना और संपत्ति खरीदने का समय: 19 अप्रैल की सुबह 10:49 से लेकर अगले दिन 20 अप्रैल की अलसुबह 05:51 तक.












