पांच दशक बाद भी नंगल से तलवाड़ा नहीं पहुंची रेल, 1974 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
हिमाचल में पहाड़ है, लेकिन ऊना से तलवाड़ा तो मैदान है! मैदानी क्षेत्र में भी रेल विस्तार इतनी गति से चल रहा है कि मानो 90 किलोमीटर का ट्रैक के एक सदी में भी पूरे होने की उम्मीद नहीं है। भले ही अब कुछ रफ्तार तेज हुई है, लेकिन इतना लंबा इंतजार करने वाले लोगों को अभी तक भी रेलवे पर भरोसा नहीं हो पा रहा है। बता दें कि नंगल से तलवाड़ा परियोजना का ब्रॉडगेज ट्रैक 51 साल में 59 किलोमीटर ही बना है। हैरान करने वाली बात है अगर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड को खंगाला जाए तो शायद सबसे कम गति से नंगल से तलवाड़ा रेललाइन परियोजना का काम होगा। हाल ही में शुरू हुई भानुपाली, बैरियां बिलासपुर रेललाइन का काम तेज गति से चल रहा है। वर्तमान में भी 2600 करोड़ का बजट हिमाचल में रेलवे विस्तार को मिला है, इसमें आधे से अधिक भानुपाली बैरियां बिलासपुर रेललाइन पर खर्च किया जाना प्रस्तावित है। सामरिक दृष्टि से यह रेललाइन जरूरी है तो उतनी ही जरूरी जम्मू लिंक को शॉर्टकट चंडीगढ़ से जोडऩे वाली नंगल तलवाड़ा रेल परियोजना भी है।
दौलतपुर चौक से तलवाड़ा तक नहीं जुड़ पाया रेलवे लिंक
हिमाचल के ऊना स्थित दौलतपुर चौक से आगे तलवाड़ा तक अभी सीधा रेलवे लिंक नहीं जुड़ पाया है। जबकि, नंगल डैम से तलवाड़ा रेलवे प्रोजेक्ट की आधारशिला रखे हुए लगभग 51 साल बीत चुके हैं। इतने समय में दौलतपुर चौक तक 59 किलोमीटर रेलवे लाइन ही बन सकी है। कुछ समय पहले की बात करें तो दौलतपुर चौक से आगे हिमाचल के एरिया में लगभग 10 फीसदी भूमि अधिग्रहण ही शेष रहा था। लेकिन इस एरिया में अब रेलवे एक्ट 20 के तहत भूमि अधिगृहीत की गई है। इससे पहले 60.200 से 66.335 किलोमीटर तक रेलवे लाइन के लिए 7 गांवों में 8 मीटर चौड़ी भूमि अधिगृहीत की गई थी। अब रेलवे लाइन की चौड़ाई और बढ़ाने के लिए 20 मीटर तक भूमि अधिगृहीत की गई है। यहां ट्रैक बनाने का काम शुरु हो गया है।
दौलतपुर चौक से गणु मंदवाड़ा तक हुआ भूमि अधिग्रहण
उत्तरी रेलवे दौलतपुर चौक से आगे गणु मंदवाड़ा तक 6.8 हेक्टेयर भूमि का और अधिग्रहण का काम लगभग कर चुका है। भूमि अधिग्रहण की शेष प्रक्रिया साथ साथ चल रही है। इसके लिए संबंधित विभाग से रेलवे ने रिकॉर्ड ले लिया था। दौलतपुर से आगे हिमाचल का लगभग 6 किलोमीटर एरिया है, कुल 7 गांव पड़ते हैं। इनमें दौलतपुर चौक, डंगोह खास, बबेहड़, मैदानगढ़, रायपुर, मरबाड़ी और मंदवाड़ा शामिल हैं। पंजाब के एरिया में रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया स्लो है, लगभग 19 किलोमीटर एरिया में कतरौली से तलवाड़ा सेक्शन में आता है, जिसमें रेलवेलाइन के लिए भूमि चिह्नित हो चुकी है। वर्तमान में इस क्षेत्र में भी प्रक्रिया तेज हुई है।
रेल प्रोजेक्ट पर संसद में उठाई थी आवाज : सिकंदर
बता दें कि 22 दिसंबर, 1974 में नंगल डैम से तलवाड़ा प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ था। जो अभी तक मुक्मल नहीं हो सका है। हालांकि यह रेलवे प्रोजेक्ट सामरिक दृष्टि से बड़ा महत्वपूर्ण है। 2014 के बाद रेलवे लाइन निर्माण में कुछ तेजी आई है। अंब-अंदौरा से दौलतपुर चौक तक 16 किलोमीटर रेल लाइन बन चुकी है, जिसका विद्युतीकरण भी हो चुका है। ट्रेनें चल रही हैं। इससे आगे हिमाचल के एरिया में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उधर राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार का कहना है कि इन रेल परियोजनाओं के कार्य में तेजी आईं है। उन्होंने इस संबंध में संसद में आवाज भी उठाई है।












