बिल्ल कलेश्वर महादेव मंदिर बटाहली में हो रहा भव्य पार्क का निर्माण
मुख्यमंत्री सुक्खू के दिशा-निर्देश पर नादौन विधानसभा क्षेत्र की पंचायत फस्टे के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल बिल्ल कलेश्वर महादेव मंदिर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए एक भव्य पार्क का निर्माण किया जा रहा हैं। इस धार्मिक स्थल में बनाए जा रहे पार्क का निर्माण कार्य वर्तमान समय में प्रगति पर हैं। खंड विकास अधिकारी नादौन निशांत शर्मा ने बताया कि मनरेगा योजना एवं 15वें वित्त आयोग कनवर्जन (अभिशरण ) के सहयोग से बनाए जा रहे इस पार्क के निर्माण पर अब तक 20 लाख की बजट राशि खर्च की जा चुकी हैं, जबकि इस पार्क को भव्य रूप देने के लिए लगभग 35 लाख की बजट राशि खर्च करने का प्रावधान रखा हैं। अधिकारी ने इस धार्मिक स्थल पर बनाए जा रहे पार्क के बारे में बताया कि इस पार्क में भगवान शिव (गंगाधरेश्वर ) की एक 20 फुट ऊंची मूर्ति की स्थापना की गई हैं जो कि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी एवं एक लगभग 20 फुट ऊंचे एक कैलाश पर्वत का भी निर्माण किया जा रहा हैं वो भी मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। अधिकारी ने बताया कि भगवान गंगाधरेश्वर एवं कैलाश पर्वत के निर्माण का खर्चा क्षेत्र के प्रसिद्ध उधमी एवं समाजसेवी प्रभात चौधरी के द्वारा उठाया जा रहा हैं। यही नहीं इस पार्क में बच्चों के खेलने के लिए झूले भी लगाए जा रहे हैं एवं पार्क को आकर्षित बनाने के लिए हरी घास एवं फूलदार और सजावटी पौधे भी लगाए जा रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि शीघ्र निर्माण कार्य को पूरा किया जाएगा ताकि नादौन के प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के बाद यहां अतिशीघ्र पर्यटकों की चहल कदमी बढ़ सके। कहां स्थित है ये प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल ये ऐतिहासिक धार्मिक स्थल नादौन से 8 किलोमीटर दूर कस्बा बड़ा की पंचायत फस्टे के गांव बटाहली में व्यास नदी के किनारे स्थित हैं। इस मंदिर के पास बह रही व्यास नदी इसकी सुंदरता को ओर चार चंद लगाती हैं।
पांडवों के इतिहास से जुड़ा है धार्मिक स्थल का नाम
नादौन विधानसभा क्षेत्र की पंचायत फस्टे में स्थित बिल्ल कलेश्वर. महादेव मंदिर के निर्माण का इतिहास पांडवो के इतिहास से जुड़ा हैं । लोगों का कहना हैं कि इस मंदिर का निर्माण पांडवो ने अपने अज्ञात वास के दौरान किया था, लेकिन आज दिन तक इसे पर्यटन के रूप में विकसित नहीं किया जा सका जबकि इस धार्मिक स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की आपार संभावनाएं हैं। अब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपनी दूरदर्शी सोच के चलते इस धार्मिक स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का बीड़ा उठाया हैं।












