जेल के अंदर बैठकर फिरौती का खेल! किशनपुरा सब जेल से चल रहा आपराधिक नेटवर्क बेनकाब
जेल… जहां अपराधियों को सुधारने के लिए रखा जाता है। लेकिन अगर वहीं से अपराध की साजिशें रची जाने लगें… तो सवाल सिर्फ सिस्टम पर नहीं, सुरक्षा व्यवस्था पर भी खड़े होते हैं। ऐसा ही चौंकाने वाला मामला बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र की किशनपुरा सब जेल से सामने आया है।
नाहन के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) में स्थित किशनपुरा सब जेल में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां विचाराधीन कैदी जेल के अंदर से ही फिरौती जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देने में जुटे थे।
मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस थाना मानपुरा की टीम ने जेल प्रशासन की शिकायत के बाद संयुक्त कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि जेल परिसर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को मौके पर गिरफ्तार किया, जो पत्थरों की पोटली बनाकर जेल के अंदर बीड़ी, सिगरेट, जर्दा और गांजा फेंकने की कोशिश कर रहे थे। पूछताछ के बाद जब पुलिस ने जेल के अंदर तलाशी अभियान चलाया, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
तलाशी के दौरान अलग-अलग कैदियों के पास से 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जबकि जांच में सामने आया कि कुल 9 कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। इन मोबाइलों के जरिए कैदी बाहरी दुनिया से संपर्क बनाए हुए थे और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ। नालागढ़ के नंगल क्षेत्र में हुई गोलीबारी के आरोपी शुभम ने जेल के अंदर से ही एक कबाड़ कारोबारी को फोन कर फिरौती मांगी थी। 5 अप्रैल को की गई इस कॉल को ट्रेस करते हुए पुलिस ने संबंधित सिम कार्ड तक पहुंच बनाई।
पता चला कि यह सिम कार्ड मेजर सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेजर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस अन्य सिम कार्ड धारकों और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
एसपी बद्दी विनोद धीमान ने साफ कहा है कि जेल के अंदर इस तरह की आपराधिक गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा है, साथ ही जेल के आसपास गश्त भी बढ़ा दी गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि जेल के आसपास पहाड़ी क्षेत्र होने का फायदा उठाकर कुछ लोग बाहर से प्रतिबंधित सामान अंदर फेंक रहे थे, जिस पर अब सख्त नजर रखी जा रही है।
सवाल अब यह है कि जेल की चारदीवारी के अंदर आखिर ये नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था… और क्या इस खुलासे के बाद सिस्टम पूरी तरह जागेगा? या फिर ऐसे खेल आगे भी जारी रहेंगे…?












