कुल्लू में फिर टूटा पहाड़: मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर कार चकनाचूर, बाल-बाल बचे सवार
जिला कुल्लू के मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर शनिवार सुबह एक बार फिर प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। घड़ीगढ़ के पास अचानक हुए भारी लैंडस्लाइड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस दौरान एक कार पहाड़ी से गिरते मलबे और चट्टानों की चपेट में आ गई और देखते ही देखते पूरी तरह चकनाचूर हो गई।
हालांकि, गनीमत यह रही कि कार में सवार लोगों ने समय रहते खतरे को भांप लिया और तुरंत वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। कुछ ही पलों बाद भारी चट्टानें कार पर गिरती रहीं, जिससे वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया। अगर थोड़ी भी देर होती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
स्थानीय पंचायत के पूर्व प्रधान जयराम ठाकुर के अनुसार, सुबह करीब 8:30 बजे अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरना शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरी सड़क मलबे से भर गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
मार्ग फिर बंद, लोगों की बढ़ी परेशानी
लगातार हो रहे लैंडस्लाइड के कारण मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग एक बार फिर वाहनों के लिए बंद हो गया है। इस मार्ग पर फंसे लोगों और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हर बार बनता है खतरा, फिर भी नहीं स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि घड़ीगढ़ क्षेत्र में बार-बार लैंडस्लाइड होना अब आम बात हो गई है। यह सड़क न सिर्फ स्थानीय निवासियों बल्कि पर्यटकों के लिए भी खतरे का रास्ता बन चुकी है। पहले भी यहां कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
अब बनेगा वैकल्पिक रास्ता — वैली ब्रिज की तैयारी
कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग के साथ मौके का निरीक्षण किया गया है। पार्वती नदी पर वैली ब्रिज बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए आवश्यक अनुमतियां (FRA) लेने के निर्देश संबंधित विभागों और पंचायत को दिए गए हैं।
विधायक ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही वैली ब्रिज का निर्माण शुरू किया जाएगा, ताकि बार-बार होने वाले लैंडस्लाइड से लोगों को राहत मिल सके।
कुल्लू का यह संवेदनशील मार्ग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक यहां हर सफर जोखिम से भरा रहेगा।












