ओटी तो बना दिया, डॉक्टर भूल गए! भोरंज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं अधूरी
दो जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले भोरंज अस्पताल पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी भारी पड़ रही है। दो विशेषज्ञों वाले इस अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर की सुविधा के साथ एनेस्थेसियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में मामूली सर्जरी के दौरान सर्जन ही मरीजों को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दे रहे हैं। वहीं, बड़े ऑपरेशन और आपात स्थिति में मरीजों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर रेफर किया जा रहा है, जिससे मरीजों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 450 के करीब ओपीडी होती है। दो जिलों के साथ 33 पंचायतों के सैकड़ों लोग स्वास्थ्य उपचार करवाने और दवाइयां लेने के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन उपचार न मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है। वर्तमान में सिविल अस्पताल में ईएनटी, मेडिसिन और सर्जन विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन बिना एनेस्थीसिया के मरीजों के ऑपरेशन करना संभव नहीं है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित ऑपरेशन थियेटर का सही तरीके से प्रयोग नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों में राज कुमार, प्रदीप, संजीत, संगीता, रामप्यारी, गीता देवी आदि ने कहा कि अस्पताल में एकमात्र ओटी के सहारे मरीजों के ऑपरेशन हो रहे हैं। बड़े ऑपरेशन के लिए मरीजों को अन्य अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती करने की मांग की है।
समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। शीघ्र ही अस्पताल में एनेस्थेसियोलॉजिस्ट की नियुक्ति होगी। इससे मरीजों के छोटे-बड़े सभी ऑपरेशन अस्पताल में हो सकेंगे। -डॉ. ललित कालिया, बीएमओ, भोरंज












