सरकाघाट में बदहाल सड़कों से बढ़ी लोगों की परेशानी, कुठेहड़-भद्रवाड़ मार्ग पर हादसों का खतरा
अनंत ज्ञान, सरकाघाट
सरकाघाट क्षेत्र में सड़कों की बदहाल स्थिति अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें जगह-जगह से टूट चुकी हैं, जिससे न केवल आम लोगों का सफर मुश्किल हो गया है, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। खासतौर पर सरकाघाट-कुठेहड़, भद्रवाड़ और सरकाघाट-रिवालसर वाया मसेरन सड़क की खस्ता हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकाघाट से कुठेहड़ तक की सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण वाहन चालकों को हर रोज जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब सड़क पर पानी भरने से गड्ढे दिखाई तक नहीं देते। इससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
लोगों का आरोप है कि वर्षों से इस सड़क की केवल औपचारिक मरम्मत की जाती रही है, लेकिन गुणवत्ता सुधार और स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। खराब सड़कों के कारण निजी वाहनों के साथ-साथ सरकारी बसों की मेंटेनेंस लागत भी लगातार बढ़ रही है। वाहन चालकों का कहना है कि खराब सड़कें वाहनों को तेजी से नुकसान पहुंचा रही हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
वहीं सरकाघाट-रिवालसर वाया मसेरन सड़क पर रखोटा के समीप स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। यहां सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है और मार्ग संकरा होने के कारण बड़े वाहनों और बस चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत डंगा लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी रमेश चंद भारद्वाज ने भी क्षेत्र की सड़कों की खराब हालत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ऑनलाइन शिकायत भेजकर जल्द समाधान की मांग की है। साथ ही लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया है कि नई सड़कें बनाने के साथ-साथ पुरानी सड़कों की नियमित मरम्मत और गुणवत्ता जांच भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सड़कों की स्थिति नहीं सुधारी गई तो आने वाले समय में बड़े हादसे हो सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र में चल रही पुरानी और खस्ताहाल बसों को बदलकर नई बसें उपलब्ध करवाने की भी मांग उठाई, ताकि लोगों को सुरक्षित और बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होती हैं, लेकिन सरकाघाट क्षेत्र में बदहाल सड़कें विकास के दावों की पोल खोल रही हैं।






