नगरोटा बगवां: नयना देवी मंदिर के पास जंगल में भीषण आग, 500 श्रद्धालु फंसे; डॉक्टर वैशाली की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
नगरोटा बगवां। कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र के पटियालकड़ गांव स्थित नयना देवी मंदिर के पास मंगलवार शाम जंगल में लगी भीषण आग ने सैकड़ों श्रद्धालुओं की जान खतरे में डाल दी। तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और मंदिर परिसर के आसपास के रास्तों को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय मंदिर में भंडारे और भजन-कीर्तन कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें करीब 500 श्रद्धालु मौजूद थे।
आग की लपटों और धुएं के बीच श्रद्धालु मंदिर परिसर और जंगल के बीच फंस गए। स्थिति बेहद गंभीर थी, लेकिन टांडा मेडिकल कॉलेज में कार्यरत चिकित्सक डॉ. वैशाली कक्कड़ ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को घबराने से रोका और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी। उन्होंने तुरंत पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली और प्रशासन को घटना की सूचना देकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाने में अहम भूमिका निभाई।
सूचना मिलते ही वन विभाग और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के दौरान कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया था, लेकिन शाम करीब 7:30 बजे तेज हवाओं के चलते आग फिर भड़क उठी और तेजी से पूरे क्षेत्र में फैल गई। मंदिर तक जाने वाले रास्ते आग की चपेट में आ गए, जिससे श्रद्धालुओं के सामने संकट खड़ा हो गया।
बुधवार को वन विभाग की टीम ने मौके का दौरा कर जांच शुरू कर दी। डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। जंगल को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच जारी है।






