LADA फंड मामले में हिमाचल सरकार को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने दो अधिसूचनाओं पर लगाई रोक
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (LADA/LADF) फंड से जुड़े मामले में राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। मुख्य न्यायाधीश जी.एस. संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान सरकार की 23 सितंबर 2025 और 18 मार्च 2026 की दो अधिसूचनाओं पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को होगी।
यह जनहित याचिका भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने LADA फंड का हिस्सा 'सुख आश्रय' योजना के तहत अनाथ बच्चों की वित्तीय सहायता के लिए निर्धारित कर दिया, जबकि यह निधि मूल रूप से जलविद्युत परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों के विकास और स्थानीय लोगों के हितों के लिए बनाई गई थी।
हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि LADA फंड का उपयोग परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के अनाथ बच्चों के लिए किया जाना था। अदालत ने माना कि यह निधि स्थानीय समुदायों और परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए है, इसलिए याचिकाकर्ता की दलीलों पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि LADA फंड का उपयोग केवल निर्धारित स्थानीय विकास कार्यों के लिए होना चाहिए और इसे किसी अन्य योजना में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।






