हिमाचल में करुणामूलक नौकरी के केस होंगे रिव्यू: आर्थिक आधार पर खारिज मामलों की फिर होगी जांच
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने करुणामूलक आधार (कंपेशीनेट ग्राउंड) पर सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। राज्य सरकार ने उन मामलों की दोबारा समीक्षा करने का निर्णय लिया है, जिन्हें पहले केवल आर्थिक आधार पर खारिज कर दिया गया था। वित्त विभाग की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम) में इस संबंध में सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सरकार के इस फैसले से ऐसे सैकड़ों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके आश्रितों की करुणामूलक नियुक्ति की मांग आर्थिक मानदंडों के आधार पर अस्वीकार कर दी गई थी। अब इन मामलों की नए सिरे से जांच और समीक्षा की जाएगी, ताकि पात्र परिवारों को न्याय मिल सके।
सिर्फ आर्थिक आधार पर खारिज मामलों की होगी समीक्षा
वित्त विभाग के अनुसार, केवल वे मामले पुनर्विचार के दायरे में आएंगे, जिन्हें पूर्व में सिर्फ आर्थिक स्थिति को आधार बनाकर खारिज किया गया था। अन्य कारणों से निरस्त किए गए मामलों को इस समीक्षा प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि किसी कर्मचारी की असामयिक मृत्यु के बाद परिवार को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
31 दिसंबर तक करना होगा आवेदन
राज्य सरकार ने पात्र परिवारों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की है। जिन आवेदकों के मामले पहले आर्थिक आधार पर खारिज हुए थे, उन्हें तय समय के भीतर संबंधित विभाग में दोबारा आवेदन करना होगा। इसके बाद विभागीय स्तर पर सभी मामलों की जांच कर उन्हें सरकार के समक्ष भेजा जाएगा।
सैकड़ों परिवारों को मिल सकती है राहत
हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से करुणामूलक नौकरी के कई मामले लंबित हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और प्रभावित परिवारों द्वारा लगातार मांग उठाई जा रही थी कि आर्थिक मानदंडों के आधार पर खारिज किए गए मामलों की पुनः समीक्षा की जाए। सरकार के इस निर्णय को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले से अब उन परिवारों में नई उम्मीद जगी है, जो वर्षों से करुणामूलक नियुक्ति की आस लगाए बैठे हैं। आने वाले समय में समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई पात्र परिवारों को सरकारी नौकरी का अवसर मिल सकता है।






