आपदा राहत पर हिमाचल हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकार को लगाई फटकार
शिमला: हिमाचल हाईकोर्ट ने आपदा प्रभावितों के राहत और पुनर्वास में संसाधनों की कमी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को कड़ा संदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने कहा कि राहत और पुनर्वास सरकारों की जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपने वैधानिक दायित्व से नहीं बच सकते।
कोर्ट ने हिमाचल को मिलने वाले सीएसआर फंड में असंतुलन पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कंपनियों द्वारा स्थानीय क्षेत्रों में सीएसआर खर्च को प्राथमिकता देने संबंधी कानून की मंशा को स्पष्ट बताया और केंद्र-राज्य सरकार से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
राज्य सरकार के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों में आपदाओं से हिमाचल को करीब 17,428 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि राहत, मरम्मत और पुनर्वास पर 4,427.68 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। कोर्ट ने कंपनियों की जवाबदेही और सीएसआर नियमों के पालन को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।
मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।






