चंबा के जंगलों में पहली बार दिखा दुर्लभ 'कैस्पियन कोबरा', वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव विशेषज्ञों का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया है। जिले की अप्पर फॉरेस्ट रेंज में दुनिया की दुर्लभ और अत्यंत विषैली प्रजातियों में शामिल कैस्पियन कोबरा (Caspian Cobra) दिखाई दिया है। हिमालयी क्षेत्र में इस प्रजाति की मौजूदगी बेहद असामान्य मानी जाती है। ऐसे में चंबा के जंगलों में इसका मिलना जैव विविधता और वन्यजीव अनुसंधान के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस दुर्लभ सांप को सबसे पहले फॉरेस्ट गार्ड गजेंद्र वर्मा ने देखा और उसका वीडियो अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया। करीब 20 वर्षों से चंबा की जैव विविधता और वन्यजीवों पर काम कर रहे गजेंद्र वर्मा नियमित रूप से जंगलों में गश्त और निगरानी करते हैं। इसी दौरान उनकी नजर एक ऐसे सांप पर पड़ी, जिसे उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। सांप का बड़ा फन, मजबूत शरीर और सतर्क व्यवहार उन्हें अलग लगा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत उसका वीडियो बना लिया।
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वीडियो का विशेषज्ञों द्वारा गहन अध्ययन और विश्लेषण किया गया। जांच के बाद वन विभाग ने पुष्टि की कि यह सांप वास्तव में कैस्पियन कोबरा है, जो दुनिया की सबसे विषैली कोबरा प्रजातियों में से एक माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कैस्पियन कोबरा सामान्य भारतीय कोबरा से आकार, व्यवहार और विष की तीव्रता के मामले में काफी अलग होता है। यह प्रजाति आमतौर पर मध्य एशिया, अफगानिस्तान, ईरान, तुर्कमेनिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। हिमालयी क्षेत्र में इसका दिखाई देना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चंबा में इस प्रजाति की मौजूदगी कई नए सवाल खड़े करती है। अब विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि यह सांप यहां कैसे पहुंचा, क्या यह किसी विशेष परिस्थिति के कारण यहां आया है या फिर इस क्षेत्र में इसकी स्थायी मौजूदगी बनने की संभावना है। इसके लिए आने वाले समय में वैज्ञानिक अध्ययन और फील्ड सर्वे भी किए जा सकते हैं।
मुख्य वन संरक्षक राकेश कुमार ने बताया कि फॉरेस्ट गार्ड द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो विभाग के पास है और सामान्य परिस्थितियों में इस प्रजाति के सांप यहां नहीं पाए जाते। उन्होंने कहा कि यह संकेत हो सकता है कि क्षेत्र की जलवायु और प्राकृतिक परिस्थितियां इस प्रजाति के लिए अनुकूल साबित हो रही हैं। विभाग ने अब अप्पर फॉरेस्ट रेंज में जैव विविधता की विशेष निगरानी बढ़ाने और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों के अध्ययन का निर्णय लिया है।
चंबा के जंगलों में दुर्लभ कैस्पियन कोबरा की यह मौजूदगी हिमाचल की समृद्ध जैव विविधता के लिए एक नई और महत्वपूर्ण खोज मानी जा रही है, जो आने वाले समय में वन्यजीव अनुसंधान के कई नए आयाम खोल सकती है।






