HPU के 57वें स्थापना दिवस पर CM सुक्खू का बड़ा ऐलान, विश्वविद्यालय को 5 करोड़ की सौगात
शिमला। हिमाचल प्रदेश की उच्च शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) बुधवार को अपना 57वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूर्व छात्र होने के नाते उनके लिए यह कार्यक्रम केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि अपने छात्र जीवन की यादों से जुड़े परिसर में लौटने का भावनात्मक अवसर भी रहा। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 1985-86 में एचपीयू के लॉ विभाग में डिपार्टमेंट रिप्रेजेंटेटिव (डीआर) के रूप में कार्य किया था। इसी विश्वविद्यालय से उन्होंने छात्र राजनीति की शुरुआत की और बाद में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष तथा स्टेट यूथ कांग्रेस के सचिव बने। वर्षों बाद उसी संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री के रूप में शामिल होना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।
22 जुलाई 1970 को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम-1970 के तहत स्थापित एचपीयू ने पिछले 57 वर्षों में खुद को प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख शिक्षण एवं शोध संस्थानों में स्थापित किया है। शिमला के समरहिल स्थित लगभग 200 एकड़ में फैले हरे-भरे परिसर को NAAC का 'A' ग्रेड प्राप्त है और यह आज लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा दे रहा है।
विश्वविद्यालय में वर्तमान में 13 फैकल्टी, 52 शिक्षण विभाग, पांच केंद्र एवं संस्थानों के माध्यम से 132 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यहां कला, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, प्रबंधन, शिक्षा, इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, आयुर्वेद, पत्रकारिता और विभिन्न शोध विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी स्तर की शिक्षा प्रदान की जाती है। समरहिल परिसर में करीब 7,200 विद्यार्थी और 1,100 शोधार्थी अध्ययनरत हैं।
एचपीयू प्रदेश के 356 कॉलेजों और संस्थानों को संबद्धता प्रदान करता है, जिनमें सरकारी, निजी, मेडिकल, लॉ, बीएड, डेंटल, आयुर्वेदिक और अन्य शिक्षण संस्थान शामिल हैं। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र देश-विदेश में प्रशासन, न्यायपालिका, शिक्षा, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एचपीयू से शिक्षा प्राप्त कर कई विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है, जबकि एक पूर्व छात्र अपने देश के राष्ट्रपति पद तक पहुंच चुके हैं।






