हरियाणा में भविष्य विभाग के गठन को मंत्रिमंडल की मंजूरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में 'भविष्य विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर) की स्थापना को मंजूरी दी गई। इस विभाग की स्थापना का उद्देश्य हरियाणा को भविष्य-समर्थ बनाना है। यह निर्णय हरियाणा सरकार के निर्धारित कार्य नियम, 1977 के नियम 5 व अनुसूचि के क्रम संख्या 20 के अंतर्गत लिया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि यह विभाग हरियाणा की विजन 2047 नीति के अनुरूप एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक पहलों, तकनीकी दृष्टिकोण और समेकित नीति निर्माण का नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। नियमित रूप से हॉराइजन स्कैनिंग, प्रवृत्ति विश्लेषण और परिदृश्य विकास करना, जिससे राज्य की भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों की पहचान की जा सके। उच्च-मूल्य क्षेत्रों में विविधीकरण को केंद्र में रखते हुए विजन 2047 के तहत व्यापक दीर्घकालिक आर्थिक योजनाओं का निर्माण तथा तकनीक और नवाचार नीतियों का विकास व समन्वय, जिससे उभरती तकनीकों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनाया जा सके। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण सहित शासन के आधुनिकीकरण की पहलों की निगरानी और समन्वय करेगा। साथ ही प्रशासनिक विभागों के साथ समन्वय कर भविष्य-उन्मुख नीतियों एवं पहलापें का कार्यान्वयन करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के अनुरूप मानव पूंजी विकास हेतु एकीकृत ढांचा विकसित करना भी शामिल है। वहीं, विभाग जल, ऊर्जा और कृषि जैसे संसाधनों के लिए सतत प्रबंधन की रणनीति तैयार करेगा और राज्य के भीतर रणनीतिक पहलों की प्रगति का मूल्यांकन करेगा। विभाग पांच प्रमुख (विशिष्ट, मापनीय, प्राप्त करने योग्य, प्रासंगिक, समयबद्ध) पहलों के माध्यम से कार्य करेगा।












