कांगड़ा पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा शिकंजा, ज्वाली के आरोपी परिवार की 95.67 लाख की संपत्ति फ्रीज
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कांगड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला कांगड़ा पुलिस ने ज्वाली उपमंडल के चलवाड़ा निवासी गौरव कुमार और उसके परिवार की करीब 95.67 लाख रुपये मूल्य की कथित अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत की है।
अक्टूबर 2025 में चरस तस्करी मामले में हुआ था गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गौरव कुमार को अक्टूबर 2025 में चरस तस्करी के एक बड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। 3 अक्टूबर 2025 को जिला कांगड़ा की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 1.006 किलोग्राम चरस बरामद की थी। इस संबंध में पुलिस थाना नगरोटा बगवां में अभियोग संख्या 151/25 दर्ज किया गया था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों और बैंक लेन-देन की गहन पड़ताल की। जांच में गौरव कुमार, उसके पिता विजय कुमार और उसके जीजा धुन्धी के नाम पर कई ऐसी संपत्तियां सामने आईं, जिन्हें पुलिस ने कथित तौर पर नशा तस्करी से अर्जित माना।
22 अप्रैल को जारी हुए आदेश, दिल्ली से मिली पुष्टि
थाना प्रभारी नगरोटा बगवां द्वारा 22 अप्रैल 2026 को संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए थे। बाद में 22 मई 2026 को सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली ने इन आदेशों की पुष्टि कर दी। इसके बाद अब आरोपी बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के इन संपत्तियों को बेच, गिरवी या हस्तांतरित नहीं कर सकेंगे।
फ्रीज की गई संपत्तियों में शामिल
2 आवासीय मकान
2 भूमि संपत्तियां
1 महिंद्रा वाहन
1 स्विफ्ट डिजायर कार
जिले में अब तक 1.92 करोड़ से ज्यादा संपत्ति फ्रीज
पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि इससे पहले बैजनाथ निवासी कथित नशा तस्कर सोनिया राणा की 96.77 लाख रुपये की संपत्ति भी फ्रीज की जा चुकी है। वर्तमान कार्रवाई के बाद अब तक जिला कांगड़ा में कुल 1.92 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है।
एसपी अशोक रतन ने कहा कि नशा तस्करी में शामिल लोगों और उनकी अवैध कमाई के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं नशे से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समाज को नशे के जाल से बचाया जा सके।






