HRTC कंडक्टरों की सीट व्यवस्था बदली: लंबी दूरी और रात्रि बसों में मिलेगी फ्रंट सीट; नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने कंडक्टरों की सीट व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अब 150 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले सभी रूटों तथा सूर्यास्त के बाद शुरू होने वाली सभी रात्रिकालीन बस सेवाओं में कंडक्टर को बस की फ्रंट सीट (सीट नंबर-1) पर बैठने की अनुमति दी जाएगी।
इसके विपरीत, 150 किलोमीटर से कम दूरी वाले दिन के रूटों पर पूर्व व्यवस्था ही लागू रहेगी। ऐसे रूटों पर कंडक्टर को पहले की तरह पिछले दरवाजे के पीछे स्थित अंतिम सीट पर ही बैठना होगा। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित व्यवस्था का उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
एचआरटीसी प्रबंधन द्वारा जारी निर्देशों के तहत 16 जुलाई 2014 को जारी पुराने आदेशों को निरस्त कर दिया गया है और नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। निगम का मानना है कि लंबी दूरी के रूटों और रात्रिकालीन बस सेवाओं में कंडक्टरों को फ्रंट सीट उपलब्ध कराने से उनकी कार्यक्षमता, सतर्कता और परिचालन दक्षता में सुधार होगा। इससे यात्रियों को भी बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
सभी जिम्मेदारियां निभाने के बाद ही मिलेगी सीट
निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई सुविधा का लाभ तभी मिलेगा जब कंडक्टर अपनी सभी निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुका होगा। कंडक्टर को सभी यात्रियों को टिकट जारी करना, बस के आगे और पीछे के दरवाजों को सुरक्षित रूप से बंद करवाना तथा परिचालन से जुड़ी अन्य सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही वह निर्धारित सीट पर बैठ सकेगा।
एचआरटीसी के अनुसार यह निर्णय कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, लेकिन इससे उनकी जिम्मेदारियों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी गई है। निगम ने सभी डिपो प्रबंधकों और संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।






