मनीषा मित्तल हत्याकांड में बड़ा खुलासा: भाई और बिजनेस पार्टनर गिरफ्तार, बैंक ट्रांजेक्शन से खुली साजिश की परतें
शिमला। बहुचर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बैंक खातों में हुई लाखों रुपये की ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीषा मित्तल के भाई हेमांक मित्तल और उसके बिजनेस पार्टनर गोविंद को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या की पूरी साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी।
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात से कुछ दिन पहले हेमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर किए थे। आरोप है कि इसी रकम का इस्तेमाल करते हुए गोविंद ने दो शूटरों को मनीषा मित्तल की हत्या की सुपारी दी। पूछताछ में गोविंद ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उसने हेमांक मित्तल के कहने पर ही दोनों आरोपितों को हत्या के लिए हायर किया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि मनीषा मित्तल के स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी का एक्सेस हेमांक मित्तल के पास था। आरोप है कि उसने यह एक्सेस गोविंद को उपलब्ध कराया और गोविंद ने आगे इसे शूटरों तक पहुंचाया। इसी जानकारी के आधार पर आरोपितों ने मनीषा मित्तल की गतिविधियों पर नजर रखी और वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश रचने के बाद गोविंद विदेश चला गया था। भारत लौटने पर उसे हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है, जहां उससे साजिश और अन्य आरोपितों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है।
हेमांक मित्तल गिरफ्तार
उधर, पुलिस ने हेमांक मित्तल को भी गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, उसे फिलहाल चिकित्सकीय रूप से अनफिट बताया जा रहा है। इसी कारण उसे वर्चुअल माध्यम से अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल की जाएगी।
बैंक ट्रांजेक्शन और CCTV एक्सेस से खुली साजिश की परतें
पुलिस का कहना है कि बैंक ट्रांजेक्शन, CCTV साक्ष्यों और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर मामले की कई अहम कड़ियां जुड़ चुकी हैं। अब जांच इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और आर्थिक लेन-देन के अन्य पहलुओं पर केंद्रित है।






