भुंतर-मणिकर्ण सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, SDM ऑफिस के बाहर किया धरना-प्रदर्शन
कुल्लू: जिला कुल्लू की भुंतर-मणिकर्ण सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर मंगलवार को लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने ढालपुर में प्रदर्शन करते हुए पहले डीसी कार्यालय और फिर एसडीएम कार्यालय के बाहर सरकार और लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता का भी घेराव किया।
सड़क की हालत से परेशान ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि भुंतर-मणिकर्ण सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई बार प्रशासन को शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई। प्रदर्शन में शामिल महिला मंडल प्रधान हीरा ठाकुर ने कहा कि प्रशासन ने पहले भी कई बार आश्वासन दिए, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की भी मांग की।
लाडा फंड के इस्तेमाल की उठी मांग
स्थानीय निवासी घनश्याम ने कहा कि मणिकर्ण घाटी में कई जलविद्युत परियोजनाएं चल रही हैं, जिनसे लाडा और साडा फंड के रूप में करोड़ों रुपये मिलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राशि घाटी के विकास पर खर्च नहीं हो रही। उनका कहना है कि यदि इस फंड का उपयोग सड़क सुधार के लिए किया जाए तो स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी।
25 दिन में काम शुरू करने का आश्वासन
ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम कुल्लू स्वयं कार्यालय से बाहर आए और लोगों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि 25 दिनों के भीतर भुंतर-मणिकर्ण सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
चेतावनी भी दी
पूर्व प्रधान नीरज शर्मा ने कहा कि यदि 25 दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण फिर से बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सड़क सुधरने से किसानों, बागवानों और मणिकर्ण आने वाले हजारों पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा।






