जब तक मुझे न्याय नहीं मिलता तब तक 'मैं न खाना खाऊंगा, न पानी पिऊंगा': सोभिया राम
ग्राम पंचायत मोड़ा के आरटीआई कार्यकर्ता सोभिया राम ने सोमवार दोपहर मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनके गांव में आईआरडीपी योजना का दुरुपयोग हो रहा है और भ्रष्टाचार के कारण सच्चे गरीब व जरूरतमंद लोगों को इस योजना से वंचित रखा जा रहा है। सोभिया राम ने कहा कि उन्होंने डीसी कार्यालय चंबा के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि 'मैं न खाना खाऊंगा, न पानी पिऊंगा, जब तक मुझे न्याय नहीं मिलता।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्रताडि़त किया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मुख्यमंत्री महोदय को भी इस मामले की लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाए कि ग्राम पंचायत मोड़ा, तहसील सलूनी, जिला चंबा में प्रधान, उप प्रधान, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक अपनी मनमानी कर आईआरडीपी योजना का लाभ नौकर और बड़े गाड़ीधारकों को दे रहे हैं। जिन लोगों के पास 3-4 वाहन (गाडिय़ां) हैं, उनके पास दुकानें हैं, वे सरकारी कर्मचारी हैं या दुकानें किराए पर देते हैं, उन्हें आईआरडीपी नंबर दिए गए हैं। वहीं गरीब परिवारों को इस योजना से बाहर रखा गया है। आईआरडीपी नंबर 633130 (रत्नचंद) और 633090 (उनकी माता) को एक ही परिवार में दो बार लाभ दिया गया है, जबकि दोनों एक साथ रहते हैं और अपंग पेंशन भी प्राप्त करते हैं। शिकायत करने पर विभाग रिश्वत और दबाव के चलते कार्रवाई करने में विफल रहा है। शिकायतकर्ता: बालो पत्नी माधो राम ग्राम सलन, नाम सिंह पुत्र होशियारा, ग्राम व डाकघर मोड़ा व सोभिया राम पुत्र पन्नू, ग्राम आधेड़, ग्राम व डाकघर मोड़ा, तहसील सलूनी, जिला चंबा।
सही लाभार्थियों को दिया जाए आईआरडीपी योजना का लाभ
सोभिया राम ने मीडिया से कहा कि मैंने अपनी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाई है। अब मैं तब तक चुप नहीं बैठूंगा जब तक गरीबों का अधिकार नहीं मिल जाता। सोभिया राम और ने मुख्यमंत्री व निदेशक पंचायतराज विभाग से अपील की है कि इस भ्रष्टाचार की तुरंत और निष्पक्ष जांच कराकर सही लाभार्थियों को आईआरडीपी योजना का लाभ दिया जाए।












