माता चिंतपूर्णी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, रविवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
विश्व प्रसिद्ध माता चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार शाम पांच बजे तक करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। दोपहर के समय दर्शनों के लिए लगी श्रद्धालुओं की कतारें पुराने बस अड्डा से आगे तक पहुंच गईं। हालांकि बीते दिनों की तुलना में इस रविवार को कतारें कुछ छोटी रहीं, लेकिन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को काफी समय लगा।
मिली जानकारी के अनुसार, कतारों में लगे श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि मौसम दिनभर खुशगवार रहा, जिससे कतार में खड़े भक्तों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। ऊना से आए कृष्ण कुमार और शिवानी, पंजाब से आए राजेंद्र, अंकुश और राजेश कुमार सहित अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि इस रविवार लाइनें बहुत लंबी तो नहीं थीं, लेकिन आगे बढ़ने की गति काफी धीमी रही। श्रद्धालुओं के मुताबिक, इसका एक कारण यह है कि लिफ्ट से जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर न्यास में पैसे इकट्ठा करने की होड़ सी दिखती है। ऐसे में घंटों लाइनों में लगने वाले आम भक्तों के लिए कठिनाई बढ़ जाती है। भीड़भाड़ वाले दिनों में हजारों लोग छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ अपनी बारी का इंतजार करते हैं। श्रद्धालुओं ने मंदिर न्यास से आग्रह किया कि ऐसे दिनों में आम भक्तों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए।
गौरतलब है कि मां चिंतपूर्णी दरबार में हर सप्ताह मंगलवार और रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इनमें अधिकतर हिमाचल प्रदेश और पंजाब के भक्त होते हैं। इसके अलावा 25 जुलाई से सावन नवरात्र भी शुरू होंगे। नवरात्र के दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है। होशियारपुर से लेकर मां के दरबार तक लंगर की भरमार रहती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि रविवार को लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और अगर कहीं कोई असुविधा हो तो भक्त मंदिर प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।












