शोंगटोंग-कड़छम प्रोजेक्ट से होगी 1000 करोड़ की इनकम : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किन्नौर जिले में निर्माणाधीन 450 मेगावॉट की शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश को सालाना 1000 करोड़ रुपए की इनकम होगी। उन्होंने प्रोजेक्ट के विद्युत गृह स्थल कड़छम और बैराज स्थल पोवारी का निरीक्षण किया और कार्यरत इंजीनियरों व कामगारों से निर्माण गतिविधियों पर संवाद किया व परियोजना को नवंबर 2026 तक समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने वर्ष 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य, 2027 तक आत्मनिर्भर राज्य और वर्ष 2032 तक देश का सबसे समृद्ध एवं सशक्त राज्य बनाने का संकल्प भी दोहराया।
इन परियोजनाओं का करेंगे अधिग्रहण
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रदेश सरकार धौलासिद्ध, लुहरी और सुन्नी पनबिजली परियोजनाओं को अपने अधीन लेने पर विचार कर रही है। इन परियोजनाओं पर हुए व्यय का मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश सरकार अपनी शर्तों पर निर्माण कार्यों को आगे बढ़ा सके और प्रदेश के हितों को सुरक्षित रख सके। उन्होंने किन्नौर के टापरी में जियो थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने की दिशा में भी प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में सर्दियों में 5 से 6 रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीदने से बचने के लिए सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। एचपीपीसीएल के माध्यम से लगभग 626 मेगावॉट क्षमता की सौर परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।












