अफसरशाही की हद! सरकारी कर्मचारियों से खेत में कटवाई गेहूं, गोबर भी उठवाया
“सरकारी नौकरी… सेवा के लिए होती है… लेकिन जब वही नौकरी मजबूरी बन जाए, और अफसरशाही का दबाव कर्मचारियों को खेतों तक खींच ले जाए… तो सवाल सिर्फ व्यवस्था पर नहीं, इंसाफ पर भी उठते हैं…”
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी विभाग के कर्मचारी एक अधिकारी के खेत में गेहूं काटते हुए नजर आए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मामला जल शक्ति विभाग से जुड़ा हुआ है, जहां एक अधिकारी पर अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विभाग के चार कर्मचारी एक अधिकारी के निजी खेत में गेहूं की कटाई कर रहे हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे केवल दफ्तर का काम ही नहीं, बल्कि अधिकारी के घर और खेतों के निजी काम भी करवाए जाते हैं। कभी घास कटवाने, कभी गोबर उठाने और अब गेहूं कटवाने तक की नौबत आ गई है।
इतना ही नहीं, कर्मचारियों का कहना है कि यदि वे इन कामों से मना करते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। मजबूरी में उन्हें रोजाना 8 घंटे से ज्यादा काम करना पड़ता है, और कई बार 20-25 किलोमीटर दूर तक बुला लिया जाता है।
आर्थिक स्थिति भी इन कर्मचारियों की परेशानी को और बढ़ा रही है। आरोप है कि कई-कई महीनों तक उन्हें वेतन नहीं मिलता, जिससे वे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से परेशान हैं।
वहीं, जिस अधिकारी पर ये आरोप लगे हैं, उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उनका दावा है कि उन्होंने कभी किसी कर्मचारी से निजी काम नहीं करवाया।
अब बड़ा सवाल ये है कि अगर वीडियो सच बोल रहा है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? और अगर आरोप झूठे हैं, तो सच्चाई सामने कब आएगी?












