नशे के मामलों में फंसे शिक्षा विभाग के 10 कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, सरकार ने बर्खास्तगी प्रक्रिया शुरू करने के दिए निर्देश
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे के कारोबार और चिट्टा तस्करी से जुड़े मामलों में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग से जुड़े 10 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अंतिम कार्रवाई से पहले सरकार ने इन मामलों की विस्तृत समीक्षा और कानूनी परीक्षण के आदेश जारी किए हैं।
इस संबंध में सचिव शिक्षा द्वारा प्रदेश के सभी उपनिदेशकों को सर्कुलर जारी कर संबंधित कर्मचारियों की सूची भी भेजी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, हाल ही में आयोजित नेशनल कोऑर्डिनेशन ऑन ड्रग एनफोर्समेंट की बैठक में प्रदेश में बढ़ रहे चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के कारोबार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई थी। इसके बाद सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नशे से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में स्कूल शिक्षा निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय और विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे मामलों की समीक्षा कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों की संलिप्तता प्रथम दृष्टया सामने आती है, उनके खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) तथा एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को प्रभावी बनाने के लिए सरकारी तंत्र को पूरी तरह जवाबदेह बनाना आवश्यक है। ऐसे में यदि कोई सरकारी कर्मचारी नशे के कारोबार या मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सेवा समाप्ति जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के इस फैसले को प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान का बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें विभागीय जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।






