होर्मुज में बढ़ा तनाव, भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सख्त; ईरानी राजनयिक को किया तलब
नई दिल्ली/तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली स्थित ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद होसैनी को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला
बताया जा रहा है कि 13 जुलाई को ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास यूएई के दो तेल टैंकर 'मोम्बासा' और 'अल बहिया' पर मिसाइल हमला हुआ। हमले के बाद दोनों जहाजों में आग लग गई। इस घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य नाविक घायल हुए। घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इनमें चार भारतीयों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजनयिक को तलब कर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता जताई। भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पहले भी हो चुका है हमला
इससे पहले भी एक अन्य कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद एक भारतीय नाविक लापता हो गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने समुद्री मार्गों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
भारतीय नाविकों की बड़ी भूमिका
दुनिया की मर्चेंट नेवी में भारतीय नाविकों की बड़ी भागीदारी है। ऐसे में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री हमलों का असर सीधे भारतीय नागरिकों पर पड़ रहा है। भारत ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्दोष नागरिकों की जान की रक्षा करने की अपील की है।






