पेट्रोल-डीजल की मार से परेशान बस ऑपरेटर और टैक्सी यूनियन, किराया बढ़ाने की मांग तेज
जोगिंद्रनगर। डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने जोगिंद्रनगर के निजी बस ऑपरेटरों और टैक्सी यूनियन की चिंता बढ़ा दी है। बढ़ती महंगाई और ईंधन के दामों में हो रही लगातार वृद्धि के चलते परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर निजी बस ऑपरेटरों और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार से किराए में बढ़ोतरी की मांग उठाई है।
यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से डीजल और पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे वाहनों के संचालन का खर्च काफी बढ़ चुका है। उन्होंने बताया कि बसों और टैक्सियों की मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स, इंश्योरेंस और अन्य जरूरी खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं, जबकि अब ईंधन की महंगाई ने परिवहन कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में पुराने किराए पर वाहन संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है।
निजी बस ऑपरेटरों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली बस सेवाओं की आय पहले से ही सीमित रहती है। कई रूटों पर यात्रियों की संख्या कम होने के बावजूद लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसें चलाई जा रही हैं। लेकिन लगातार बढ़ते खर्चों के कारण अब यह व्यवसाय घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
वहीं टैक्सी यूनियन के सदस्यों ने भी कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर टैक्सी कारोबार पर पड़ रहा है। लंबी दूरी के सफर में कई बार तय किराया खर्च के मुकाबले कम पड़ जाता है, जिससे वाहन चालकों को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए किराए में उचित बढ़ोतरी की जाए, ताकि परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिल सके।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से जल्द इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और राहत प्रदान करने की अपील की है।






