छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में शिक्षक को 6 साल की जेल, अदालत ने सुनाया फैसला
शिमला। शिमला जिले में बच्चों से जुड़े एक गंभीर यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। यह मामला थाना सुन्नी में दर्ज एक केस से जुड़ा है, जिसमें पुलिस जांच और अदालत में सुनवाई के बाद फैसला आया है।
दोषी शिक्षक पर ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा के यौन शोषण का आरोप लगा था। मामले की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए यौन उत्पीड़न निवारण कमेटी का गठन किया था। इसके बाद कमेटी ने आरोपों की जांच की और अपनी रिपोर्ट सौंपी। प्रिंसिपल की रिपोर्ट मिलने के बाद थाना सुन्नी में इस शिकायत दर्ज करवाई गई थी।
थाना सुन्नी में 6 नवंबर 2024 को दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(1)(i) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस केस में आरोपी जय प्रकाश उर्फ जे.पी., जो उस समय एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता के पद पर कार्यरत था। उस पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।
इस मामले की सुनवाई शिमला स्थित विशेष अदालत में हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट, रेप/पॉक्सो), शिमला ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत 6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच विधिसम्मत तरीके से की गई और सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र कर अदालत में पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी की दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी।
इस पूरे मामले में पीड़ित की पहचान को गोपनीय रखा गया है, ताकि उसकी गरिमा और सुरक्षा बनी रहे।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा है कि बच्चों से जुड़े ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाते रहेंगे।












