हिप्र बोर्ड का गौरवशाली ढांचा पंगु बनाने पर तुली सरकार : राकेश जम्वाल
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के 100 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएससी से संबद्ध करने का निर्णय एक भ्रमित, अव्यावहारिक और शिक्षा विरोधी कदम है। यह कदम प्रदेश की स्वायत्त, आत्मनिर्भर और व्यवस्थित शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि आज 55 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के बाद 8000 से अधिक विद्यालय और 5 लाख बच्चे इससे संबद्ध हैं, जो इसे हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बनाते हैं। राकेश जम्वाल ने कहा कि हिमाचल बोर्ड न केवल एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू करता है, बल्कि इसके लिए कॉपीराइट अनुमति (रॉयल्टी) भी प्राप्त कर चुका है। जब बोर्ड पहले से राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा प्रदान कर रहा है, तब 100 स्कूलों को सीबीएससी में भेजना केवल राजनीतिक दिखावा और जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल बोर्ड एक आत्मनिर्भर संस्था है, जिसमें वर्तमान में 427 पेंशनर और 325 कर्मचारी कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार पर बोर्ड की 87 करोड़ रुपए की देनदारी है, जो अब तक जारी नहीं की गई है। यह देरी न केवल बोर्ड की वित्तीय स्थिति को चरमरा रही है, बल्कि कांग्रेस सरकार की शिक्षा विरोधी और गैर-जिम्मेदाराना सोच को भी उजागर करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्वायत्त, पारदर्शी और सक्षम संस्था को कमजोर करना कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है।












