कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर चलेगा बुलडोजर, अवैध कब्जों और पार्किंग पर प्रशासन सख्त
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर बढ़ते अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और बिना अनुमति बनाए गए रास्तों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंडी, कुल्लू और बिलासपुर जिलों के प्रशासन को पत्र भेजकर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस अभियान से हजारों वाहन चालकों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।
सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस फोरलेन पर लगातार बढ़ रहे कब्जों ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। जगह-जगह सड़क किनारे अवैध पार्किंग बनाए जाने और होटल, ढाबों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा सीधे फोरलेन से अनधिकृत रास्ते निकालने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर वाहनों की गति धीमी पड़ने से जाम जैसी स्थिति बन रही है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
एनएचएआइ ने तीनों जिलों के उपायुक्तों से संयुक्त अभियान चलाने का आग्रह किया है। पंचायत चुनाव समाप्त होते ही संबंधित क्षेत्रों में एसडीएम के नेतृत्व में संयुक्त निरीक्षण दल गठित किए जाएंगे। इन टीमों में राजस्व विभाग, पुलिस और एनएचएआइ के अधिकारी शामिल रहेंगे। संयुक्त दल फोरलेन का निरीक्षण कर अवैध पार्किंग स्थलों, अतिक्रमण और बिना अनुमति बनाए गए रास्तों की पहचान करेगा, जिसके बाद हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बताया जा रहा है कि फोरलेन के कई हिस्सों में लोगों ने अपने व्यवसायिक परिसरों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए अवैध कट और रास्ते तैयार कर लिए हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक होने वाली आवाजाही को प्रशासन गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में देख रहा है।
इस मामले में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय भी पहले सख्त टिप्पणी कर चुका है। अदालत ने फोरलेन किनारे अवैध रूप से संचालित व्यावसायिक ढांचों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हैं। अब प्रशासन न्यायालय के आदेशों और एनएचएआइ की रिपोर्ट के आधार पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है।
एनएचएआइ मंडी के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने कहा कि फोरलेन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाना प्राथमिकता है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि अवैध रास्तों, पार्किंग और कब्जों को हटाने के लिए तीनों जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेज दिए गए हैं।






