शिमला में सफाई व्यवस्था पर संकट, ESMA लगने के बाद भी हड़ताल पर गए सैहब कर्मचारी
शिमला: राजधानी शिमला की सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। नगर निगम शिमला के तहत कार्यरत करीब 800 सैहब कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन शहर में घर-घर से कूड़ा उठान पूरी तरह प्रभावित रहा। सुबह से ही कई इलाकों में सफाई कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सभी कर्मचारी नगर निगम कार्यालय के बाहर सीटू (CITU) के बैनर तले धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मुख्य मांग वेतन में 10 फीसदी बढ़ोतरी की है। यूनियन का कहना है कि नियमों के तहत उन्हें यह बढ़ोतरी मिलनी चाहिए, लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
SEHB कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी गईं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ी तो नौकरी गंवाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर दिखाई देने लगा है। कई क्षेत्रों में कूड़े के ढेर लगने की आशंका बढ़ गई है। खास बात यह है कि यह हड़ताल ऐसे समय शुरू हुई है जब स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। ऐसे में नगर निगम शिमला की स्वच्छता रैंकिंग पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी चिंता जताई है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर में गंदगी बढ़ने के साथ-साथ पर्यटन नगरी शिमला की छवि को भी नुकसान पहुंच सकता है। गर्मियों के सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंच रहे हैं और ऐसे में सफाई व्यवस्था चरमराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
इधर, जिला दंडाधिकारी ने स्थिति को देखते हुए हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (ESMA), 1973 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की हड़ताल या आंदोलन पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेशों में कहा गया है कि कर्मचारी सेवा अवधि के दौरान जारी वैध निर्देशों की अवहेलना न करें और बिना उचित कारण ड्यूटी से अनुपस्थित न रहें।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ ESMA के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे।
अब सबकी नजर प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हुई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में शिमला की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।






