ट्रैकर नितिन के परिजनों को अब एसएसपी से आस
10 दिन से लापता नितिन शर्मा की तलाश अभी भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। हिमानी चामुंडा से ऊपर अर्जुन लेक और टेलिंग पास के आसपास कहीं गुम हुए नितिन शर्मा का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। सोमवार को नितिन शर्मा के परिजनों का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री से मिला और सर्च ऑपरेशन में तेजी लाने की मांग की। शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि नितिन की तलाश में चंबा की ओर से भेजी गई टीम अपना कार्य पूरा कर लौट चुकी है, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। कांगड़ा से भेजी गई एसटीआरएफ (ट्रैक रेस्क्यू फोर्स) की टीम भी सर्च ऑपरेशन के बाद वापस आ गई है, लेकिन माउंटेनियरिंग की एक विशेष टीम अभी भी क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही है।
गूगल लोकेशन से ट्रेस करने का प्रयास
एसएसपी ने बताया कि गूगल लोकेशन से ट्रेस करने का प्रयास किया गया है और संभावना है कि कुछ तकनीकी जानकारी प्राप्त हो सकती है, जिससे तलाश में गति लाई जा सके। मंगलवार से एक संयुक्त टीम बनाकर सघन सर्च ऑपरेशन चलाने की योजना है, जो एक विशेष क्षेत्र को फोकस करके काम करेगी। परिजनों का कहना है कि गांव का प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक बबलू से मिलेगा और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री तक इस मामले की गंभीरता को पहुंचाया जाएगा। परिजनों की मांग है कि हेलिकॉप्टर के माध्यम से भी खोजबीन करवाई जाए, ताकि दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भी गहराई से तलाश की जा सके।
पिता बोले- न रोका जाए सर्च अभियान
नितिन के पिता ने प्रशासन से अपील की है कि जब तक नितिन का कोई सुराग नहीं मिलता, सर्च अभियान को रोका न जाए। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रशासन से कड़ी मांग की है कि इस मामले को प्राथमिकता से लिया जाए। अनंत ज्ञान से बातचीत में उसके पिता राकेश शर्मा भावुक हो उठे। उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने अपने परिवार के भविष्य को लेकर कई कुछ सोच रखा था। मुझे क्या पता था कि नितिन का शौक कभी उसको इस मोड़ पर ले आएगा कि 10 दिन बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग रहा है।
बहन सृष्टि बोली भाई के बिना गांव वापस कैसे जाऊंगी
नितिन की बहन सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है अनंत ज्ञान से बात करते हुए वह रोते हुए कहती है कि मैं किस मुंह से अपने गांव वापस जाऊंगी उसने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द और कोई तरीका अपनाया जाए ताकि उसके भाई को सर्च किया जाए। उसने बताया कि वह पहले भी अकेला कई ट्रैकिंग पर जा चुका है। कुछ ट्रैकिंग पर वे दोनों भाई-बहन भी गए हैं, लेकिन उसको ज्यादा जुनून होता था किसी ट्रैक पर रिकॉर्ड बनाने का और यह जुनून उसको कहीं न कहीं मुश्किल में डाल चुका है।












