टिहरा जिला परिषद वार्ड में भाजपा में अंदरूनी घमासान, बंदना गुलेरिया को घर से ही मिली चुनौती
मंडी/सरकाघाट : धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के टिहरा जिला परिषद वार्ड में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा के भीतर ही अब विरोध के स्वर खुलकर सामने आने लगे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है।
टिहरा जिला परिषद वार्ड, जिसे पहले गरयोह और उससे पहले सजयाओपीपलु वार्ड के नाम से जाना जाता था, अब राजनीतिक रूप से चर्चा का केंद्र बन गया है। भाजपा मंडल कार्यालय टिहरा में राजिता कुमारी (पत्नी राजीव आर्य), निवासी गांव कोठी (चोलथरा) ने मंडल अध्यक्ष विनोद ठाकुर और अन्य पदाधिकारियों के समक्ष पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार बनने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
राजिता वर्मा की इस दावेदारी ने मौजूदा संभावित उम्मीदवार बंदना गुलेरिया के लिए चुनौती खड़ी कर दी है—वह भी उनकी अपनी गृह पंचायत से। खास बात यह है कि राजिता वर्मा उसी परिवार की बहू हैं, जिसका क्षेत्र में वर्षों से भाजपा और संघ विचारधारा से गहरा जुड़ाव रहा है।
राजिता वर्मा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के पूर्व ओएसडी और भाजपा नेता रहे स्वर्गीय कर्मवीर वर्मा की बहू हैं। चोलथरा क्षेत्र में इस परिवार को भाजपा का सबसे पुराना और मजबूत समर्थक माना जाता है। ऐसे में उनकी दावेदारी को संगठन के भीतर पुराने कार्यकर्ताओं की आवाज के रूप में भी देखा जा रहा है।
वहीं बंदना गुलेरिया का राजनीतिक सफर भी दिलचस्प रहा है। कर्मवीर वर्मा की दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनके पिता ठाकुर महेंद्र सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद बंदना पार्टी के करीब आईं और तब से अब तक चार चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि 2016 में उन्हें माकपा नेता भूपेंद्र सिंह से हार का सामना करना पड़ा था।
अब स्थिति यह बन गई है कि पार्टी के सामने “पुराने बनाम नए” और “संगठन बनाम परिवारवाद” जैसी चुनौती खड़ी हो गई है। धाड़ता क्षेत्र परंपरागत रूप से भाजपा और खासकर धूमल गुट का मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन कर्मवीर वर्मा के निधन के बाद राजनीतिक समीकरण बदले और पुराने कार्यकर्ता खुद को हाशिये पर महसूस करने लगे।
राजिता वर्मा की दावेदारी को इसी असंतोष की आवाज माना जा रहा है। आवेदन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से भाजपा की विचारधारा के प्रति समर्पित रहा है। उनके पति राजीव आर्य भी जिला युवा मोर्चा महामंत्री, प्रदेश आईटी सेल प्रमुख और वर्तमान में मंडल प्रवक्ता जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं।
राजिता ने कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र का समग्र विकास, पारदर्शिता और जनसेवा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें मौका दिया जाएगा।
इस दौरान परजीत ठाकुर, रत्न चंद, कैप्टन हरजीत ठाकुर, कैप्टन ओमकार सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक ही उम्मीदवार को बार-बार टिकट देने का विरोध करते हुए इस बार नए चेहरे के रूप में राजिता वर्मा को मौका देने की मांग उठाई।
अब नजरें भाजपा हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं। अगर बंदना गुलेरिया को ही टिकट मिलता है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि राजिता वर्मा और उनके समर्थक क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल इतना तय है कि टिहरा वार्ड में सियासी मुकाबला इस बार काफी रोचक होने वाला है।












