सीएम सुक्खू ने ज्वालामुखी को दी करोंड़ों की सौगात, विद्युत उपमंडल कार्यालय भवन का किया शिलान्यास
ज्वालामुखी: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान विकास कार्यों की झड़ी लगा दी। उन्होंने ज्वालामुखी में विद्युत उपमंडल कार्यालय भवन का शिलान्यास किया और 33 केवी सब-स्टेशन की क्षमता बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही विधायक संजय रत्न की मांग पर देहरियां में नए 33 केवी सब-स्टेशन की स्थापना का ऐलान किया, जिससे देहरा व ज्वालामुखी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी।
जिला कांगड़ा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले मां ज्वालामुखी मंदिर में पहुंचकर दिव्य ज्योतियों के दर्शन किए। इस दौरान सीएम की धर्मपत्नी एवं देहरा विधायक कमलेश ठाकुर और ज्वालामुखी विधायक संजय रत्न भी मौजूद रहे। वहीं, सीएम ने मंदिर परिसर, बस स्टैंड और अन्य स्थलों का निरीक्षण भी किया। ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय व्यापारियों और लोगों को आर्थिक लाभ मिल सके।
इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया, 'ज्वालामुखी, चिंतपूर्णी और नैनादेवी मंदिरों के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसकी पहली किस्त के रूप में 25 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं'।
सीएम सुक्खू ने कहा कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिससे न केवल लोगों की समस्याएं दूर होंगी। बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार ज्वालामुखी और देहरा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके बाद मुख्यमंत्री सपड़ी हेलीपैड से फतेहपुर के लिए रवाना हो गए, जहां वे मिनी सचिवालय का उद्घाटन करने के साथ-साथ विभिन्न विकास योजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
विधायक संजय रत्न ने कहा, 'सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने ज्वालामुखी क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। 33 केवी सब-स्टेशन और देहरियां में नए प्रोजेक्ट से बिजली समस्या दूर होगी। वहीं, ज्वालामुखी मंदिर व शहर के लिए 150 करोड़ के मास्टर प्लान से क्षेत्र के विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा'।












