सुक्खू सरकार में अपनों की बगावत! अब बंबर ठाकुर ने खोला मोर्चा, बोले- "मेरी हत्या की रची जा रही है साजिश"
शिमला/बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के भीतर सुलग रही अंतर्कलह अब पूरी तरह से चौराहे पर आ गई है। पार्टी के भीतर असंतोष का लावा इस कदर फूट रहा है कि अब कांग्रेस के अपने ही दिग्गज नेता सरकार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचाने वाले पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती के तीखे हमलों के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिलासपुर सदर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने भी मोर्चा खोल दिया है।
बंबर ठाकुर ने ऐसा बयान दिया है जिसने प्रदेश की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। उन्होंने खुलकर दावा किया है कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है और उन्हें लगातार निशाना बनाने की कोशिश हो रही है। उनके इस बयान ने न केवल सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कांग्रेस के भीतर बढ़ती नाराजगी और गुटबाजी को भी उजागर कर दिया है।
अपनों के निशाने पर अपनी ही सरकार
राजनीति में विपक्ष का सरकार पर हमला करना आम बात है, लेकिन जब सत्ता पक्ष के ही नेता सार्वजनिक मंचों से अपनी सरकार के खिलाफ सवाल उठाने लगें, तो मामला गंभीर माना जाता है। नीरज भारती के बाद अब बंबर ठाकुर का खुला विरोध इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कांग्रेस के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।
बंबर ठाकुर लंबे समय से प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार सरकार और प्रशासन को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया था, लेकिन उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया।
गोलीकांड के बाद और बढ़ी तल्खी
गौरतलब है कि होली के दिन बिलासपुर में बंबर ठाकुर पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। दिनदहाड़े हुई फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस घटना के बाद से ही वह लगातार सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं।
अब उनके ताजा बयान ने एक बार फिर उस पूरे मामले को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। बंबर ठाकुर का कहना है कि कुछ ताकतें उन्हें चुप कराना चाहती हैं, लेकिन वह डरने वाले नहीं हैं और जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
कांग्रेस में बढ़ती बेचैनी के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं है। यह कांग्रेस के भीतर बढ़ रही उस बेचैनी का भी संकेत है, जो पिछले कुछ समय से अलग-अलग रूपों में सामने आ रही है। कभी संगठन को लेकर सवाल उठते हैं, कभी सरकार की कार्यशैली पर और अब सीधे सुरक्षा और साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस पहले ही कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक बयानों ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया अवसर दे दिया है।
सरकार के सामने खड़े हुए बड़े सवाल
बंबर ठाकुर के आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा?
क्या वरिष्ठ नेताओं की बात सरकार तक नहीं पहुंच रही?
आखिर ऐसा क्या है कि सत्ताधारी दल के नेता ही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं?
और सबसे बड़ा सवाल, यदि एक पूर्व विधायक और कांग्रेस का वरिष्ठ नेता यह कह रहा है कि उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर क्या संदेश जा रहा है?
फिलहाल बंबर ठाकुर के इस विस्फोटक बयान ने हिमाचल की राजनीति का पारा चढ़ा दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और कांग्रेस नेतृत्व पार्टी के भीतर उठ रही इन आवाजों को कैसे संभालता है।






