मानसून की दस्तक के साथ ही बढ़ा ब्यास नदी का जलस्तर, रिवर राफ्टिंग पर लगी अस्थाई रोक
हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही जिला कुल्लू में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। ब्यास नदी में भी पानी का बहाव बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने सैलानियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिवर राफ्टिंग पर अस्थाई रोक लगा दी है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता और मौसम विभाग की ओर से स्थिति स्थिर होने की सूचना नहीं मिलती, तब तक ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिला कुल्लू पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने बताया कि रिवर राफ्टिंग एक्ट 2005 के प्रावधानों के तहत यह निर्णय लिया गया है। मौसम विभाग द्वारा जिले में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और रेगुलेटरी कमेटी के निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया है और अगले आदेशों तक रिवर राफ्टिंग पूरी तरह बंद रहेगी।
गौरतलब है कि कुल्लू में हर साल मानसून के दौरान 15 जुलाई से 15 सितंबर तक रिवर राफ्टिंग पर रोक रहती है, लेकिन इस बार मानसून की शुरुआत में ही जलस्तर बढ़ने के कारण पहले ही यह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






