सोलन की यूनिवर्सिटी में फिर सनसनी: IT छात्र ने हॉस्टल से कूदकर दी जान देने की कोशिश, कैंपस में हंगामा
सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक बार फिर शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है, जहां वाकनाघाट स्थित एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में आईटी छात्र ने हॉस्टल से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। छात्र की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। घटना के बाद पूरे परिसर में तनाव का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात वाकनाघाट स्थित जेपी यूनिवर्सिटी में आईटी के एक छात्र ने हॉस्टल की ऊंचाई से छलांग लगाकर अपनी जान देने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल छात्र को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए IGMC शिमला रेफर किया गया है।
मामले को लेकर एसपी सोलन अभिषेक शेखर ने बताया कि छात्र फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है और पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन भी इस घटना को लेकर आंतरिक स्तर पर बातचीत कर रहा है।
कैंपस में छात्रों का विरोध प्रदर्शन:
घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। हॉस्टल में रह रहे छात्रों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए “WE WANT JUSTICE” के नारे लगाए। छात्रों का कहना है कि सोलन जिला, जिसे शिक्षा हब के रूप में जाना जाता है, वहां इस तरह की लगातार घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। एक ही महीने में दूसरी बार आत्महत्या से जुड़ा मामला सामने आने से संस्थानों की कार्यप्रणाली और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पहले भी सामने आ चुका है मामला:
इससे पहले भी सोलन जिले की शूलिनी विश्वविद्यालय से जुड़े एक पूर्व छात्र द्वारा आत्महत्या का मामला सामने आया था। छात्र ने इसी विश्वविद्यालय से एमबीए किया था और बाद में एक कंपनी के जरिए प्लेसमेंट भी मिला था।
हालांकि, SFI ने आरोप लगाया था कि जॉब के दौरान वादा की गई सैलरी नहीं मिलने के कारण छात्र मानसिक तनाव में था, जो उसकी आत्महत्या की वजह बन सकता है। इस मामले में भी पुलिस जांच जारी है और विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया था।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सोलन के शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, प्रशासनिक जिम्मेदारी और सपोर्ट सिस्टम को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या इन घटनाओं के बाद कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।












