स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई: बंगाणा अस्पताल में न ऑपरेशन थिएटर, न अल्ट्रासाउंड
बंगाणा उपमंडल का एकमात्र सिविल अस्पताल मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर (ओटी) और अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन मरीजों को साधारण सर्जरी, प्रसव और अन्य चिकित्सकीय जांच के लिए ऊना, टांडा या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने से जोखिम भी बढ़ता है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि अस्पताल में चिकित्सक और भवन तो हैं, लेकिन सुविधाओं का अभाव ने इसे महज एक परामर्श केंद्र बनाकर छोड़ रखा है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत जांच के लिए बार-बार प्राइवेट क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है। बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रेफर करने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। बंगाणा निवासी मीना देवी ने बताया कि मेरी बहू को डिलीवरी के लिए समय पर अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता थी, लेकिन यहां सुविधा न होने के कारण ऊना जाना पड़ा। हमें किराया, दवा और जांच का खर्च अलग से उठाना पड़ा। अगर ये सुविधा यहीं होती तो बहुत राहत मिलती। इस स्थिति को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बंगाणा के विधायक विवेक शर्मा ने जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सिविल अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर और अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। बजट की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जैसे ही स्वीकृति मिलती है, काम आरंभ कर दिया जाएगा। विधायक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता में है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से यह भी कहा है कि स्थायी समाधान होने तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को असुविधा न हो। गौरतलब है कि यह अस्पताल पूरे बंगाणा क्षेत्र के लिए एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं। इसके बावजूद जरूरी मशीनों और सुविधाओं के अभाव ने इसे नाममात्र का अस्पताल बना दिया है।












