शिमला में प्रतिबंधित सड़कों पर पुलिस सख्ती के विरोध में वकीलों का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से सीधे वार्ता की मांग
शिमला। राजधानी शिमला में प्रतिबंधित सड़कों पर पुलिस की सख्ती के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। सचिवालय के बाहर एकत्रित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं बाहर आकर उनसे बातचीत नहीं करते, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
अधिवक्ताओं ने ओक ओवर से सचिवालय तक रोष रैली निकाली और इसके बाद सचिवालय परिसर के बाहर धरना देते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी समस्याओं और मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
प्रदर्शन के कारण सचिवालय और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सचिवालय परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रतिबंधित मार्गों पर लागू किए गए नियमों से उनके दैनिक कार्य और न्यायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उनका आरोप है कि प्रशासनिक फैसले जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर लिए गए हैं, जिससे वकीलों और आम लोगों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से सीधे संवाद और समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। वहीं सचिवालय के बाहर स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।






