शिमला में 242 ग्राम चिट्टे के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, 15 दिन पहले जेल से छूटा था मुख्य आरोपी
शिमला। शिमला पुलिस की स्पेशल सेल ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 242 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और कुछ दिन पहले ही जेल से रिहा हुआ था।
पुलिस के अनुसार 6 जुलाई को स्पेशल सेल शिमला की टीम को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग शोघी बैरियर क्षेत्र से एक वाहन में चिट्टा की खेप लेकर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 242 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
वाहन में सवार तीन लोगों की पहचान सुन्नी निवासी इन्द्रदेव उर्फ दाणू, न्यू शिमला निवासी मोती शर्मा और उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के मूल निवासी तथा वर्तमान में कुमारसैन में रह रहे सूरज चौहान के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में पुलिस थाना बालूगंज में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी इन्द्रदेव उर्फ दाणू आदतन नशा तस्कर है। उसके खिलाफ पहले से 53 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस अधिनियम के नौ मामले, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और चोरी से जुड़े मामले शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार इन्द्रदेव को पहले पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन महीने के लिए निरुद्ध किया गया था। वह 21 जून को ही जेल से रिहा हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह सुन्नी, रामपुर, कुमारसैन और शिमला जिले के अन्य क्षेत्रों में चिट्टा की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था और बड़ी संख्या में युवाओं तक नशा पहुंचाने में शामिल था।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मंगलवार को बताया कि पुलिस तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। मामले में चिट्टा की सप्लाई चेन, इसके स्रोत, आगे जुड़े लोगों, वित्तीय लेन-देन और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है।






