अटल टनल ने बदली कुल्लू-लाहौल में पर्यटन की तस्वीर
-हर साल देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटक निहार रहे बर्फ से ढकी पहाडियां
हिमाचल की 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग कुल्लू-मनाली ही नहीं, बल्कि जनजातीय जिले लाहौलस्पीति के पर्यटन कारोबार की तस्वीर बदल रही है। हर साल करोड़ों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। 21 अप्रैल से लेकर 2 जून तक 3,39,092 पर्यटक वाहन में लाखों पर्यटकों ने अटल टनल निहारी है। कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में बनी अटल टनल लाहौल-स्पीति जिला के सिस्सू के समीप निकलती है। अटल टनल के बनने से शीत मरुस्थल समझे जाने वाले जनजातीय जिला लाहौलस्पीति तक पर्यटकों की पहुंच सुगम हो गई है। पांच साल पहले तक जो पर्यटक कुल्लू-मनाली से आगे जाने के बारे में सोच भी नहीं सकते थे, लेकिन अब इस टनल से दूसरे छोर तक पहुंचने के लिए उत्सुक रहते हैं। जैसे ही वाहन अटल टनल में प्रवेश करते हैं, तो पर्यटक रोमांचित हो जाते हैं।
लाहौल पहुंचना हुआ आसान
अटल टनल बनने के बाद लाहौल घाटी की दूरी कम हुई है। पहले मनाली से सिस्सू तक पहुंचने के लिए 6 घंटे लग जाते थे। वहीं, अटन टनल बनने के बाद सिस्सू पहुंचने के लिए अब मात्र 45 मिनट लगते हैं। इसके अलावा मनाली से लाहौल-स्पीति के जिला मुख्यालय केलांग पहुंचने के लिए अब मात्र डेढ़ घंटे लगते हैं। टनल बनने से पहले लाहौल-स्पीति जाने वाले पर्यटकों की संख्या दो लाख से कम हुआ करती थी। आज पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुंच चुकी है। 21 अप्रैल, 2025 से लेकर 2 जून तक 1,59090 पर्यटक वाहन अटल टनल पहुंचे। इन पर्यटक वाहनों में लाखों पर्यटक अटल टनल के नॉर्थ व साउथ पोर्टल पहुंचे।












