बिलासपुर पुलिस लाई यूरिन ड्रग टेस्टिंग किट, नशेडिय़ों की जल्द होगी पहचान
बिलासपुर जिले में युवाओं के बीच चिट्टे और अन्य नशों की बढ़ती लत एक गंभीर संकट बन चुकी है। हालात इतने चिंताजनक हो चुके हैं कि अब प्रशासन ने हर घर, सतर्क परिवार अभियान के तहत एक नई और प्रभावी पहल शुरू की है। जिले में पहली बार यूरिन ड्रग टेस्टिंग किट का वितरण शुरू किया गया है, जिससे मात्र एक मिनट में यह पता लगाया जा सकेगा कि कोई व्यक्ति नशे की चपेट में है या नहीं। यह किट विशेष रूप से चिट्टा, चरस, अफीम, भुक्की, स्मैक और नशीली दवाओं जैसे नशों की पहचान करने में सक्षम है। किट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका उपयोग गर्भावस्था जांच किट की तरह आसान है और इसमें किसी प्रकार की मेडिकल लैब प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ती। गौरतलब है कि बिलासपुर में चिट्टे की समस्या अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार जिले की केवल 40 पंचायतों को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी में चिट्टा खरीदने या बेचने के मामले सामने आ चुके हैं। 2024 में पूरे वर्ष जितना चिट्टा पकड़ा गया था, उतना 2025 के पहले चार महीनों में ही बरामद किया जा चुका है।
कैसे करती है काम
यह किट छह अलग-अलग कालम (खानों) में बंटी होती है। जांच के लिए उसमें व्यक्ति के 2-3 बूंद यूरिन डाले जाते हैं। अगर वह किसी विशेष नशे का आदी है तो संबंधित कालम लाल रंग में परिवर्तित हो जाता है। यह प्रक्रिया एक मिनट के भीतर पूरी हो जाती है। इस तकनीक के जरिए नशे का शुरुआती पता लगाकर तुरंत इलाज और परामर्श की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, जिससे परिवार अपने बच्चों को नशे की लत से उबारने में सफल हो सकते हैं।
क्या कहते हैं एसपी बिलासपुर
एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने कहा कि जिले में यूरिन ड्रग टेस्टिंग किट पुलिस प्रशासन के पास पहुंच गई है और सभी थानों में यह किट भेज दी गई है। अगर कोई भी परिजन अपने बच्चों के यह टेस्ट करवाने चाहते हैं तो वह यह किट पुलिस प्रशासन से निशुल्क प्राप्त कर सकते । अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को मिलता है, तो उसकी भी इस किट के माध्यम से जांच की जा सकती है।












