इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना बनी सहारा: विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के 978 बच्चों को अब तक ₹67 लाख की मदद
जिले में विधवा-तलाकशुद्धा महिलाओं के बच्चों की पढ़ाई में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना मददगार बनने लगी है। इस योजना के तहत 978 बच्चों को आर्थिक मदद प्रदान की गई है। इस योजना में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से 2025-26 में अब तक उपरोक्त बच्चों को 67 लाख, 13 हजार 309 रुपये प्रदान किए जा चुके हैं।
यह पैसा लाभार्थी के खाते में जमा किया जा चुका है। योजना में 18 साल तक के बच्चों को 1000 रुपये प्रति महीना प्रदान करने का प्रावधान है। जबकि 18 से 27 वर्ष तक के बच्चों को सरकारी संस्थानों में पढ़ाई करने के लिए होस्टल में रहने का किराये से लेकर पढ़ाई का खर्चा प्रदान करने का प्रावधान है। ऐसे में जिले में 18 साल तक के बच्चों को इसका लाभ मिलना आरंभ हो गया है और इससे विधवा और तलाकशुदा महिलाओं का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
इस योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग को सरकार से 1 करोड़ 10 लाख, 56 हजार, 364 रुपये का बजट मिला है जिसे इस वित्त वर्ष में योजना के लिए पात्र विद्यार्थियों को दिया जाना है। ऐसे में यह योजना जहां जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई करने में मदद कर रही है, वहीं इससे विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी अपने बच्चों को पढ़ाने में आर्थिक मदद मिल रही है।
कहां कितनों को मिला लाभ
ब्लॉक लाभार्थी
आनी 172
बंजार 194
कटराईं 55
कुल्लू 412
नित्थर 145
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कुल 978
वित्त वर्ष 2025-26 में जून तक के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत आने वाले विद्यार्थियों को धन दिया जा चुका है। विभाग के पास इस योजना के तहत 1.10 करोड़ रुपये के बजट में से 67.13 लाख रुपये उनके खातों में डाल दिए हैं, इस योजना से बच्चों को पढ़ाई करने में मदद मिल रही है।
-गजेंद्र ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग












