एम्स बिलासपुर में हिमाचल की पहली रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी सफल
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित करते हुए, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर ने हिमाचल प्रदेश की पहली रोबोटिक सहायता प्राप्त पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह उपलब्धि एम्स बिलासपुर को प्रदेश का पहला सरकारी चिकित्सा संस्थान बनाती है, जहां इस अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग सफलतापूर्वक किया गया है। यह सर्जरी एक वृद्ध महिला मरीज पर की गई, जो वर्षों से गंभीर गठिया और घुटने की विकृति से जूझ रही थीं। इस स्थिति ने उनकी चलनेफिरने की क्षमता को बेहद सीमित कर दिया था और जीवन की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रभाव डाला था। रोबोटिक तकनीक की सूक्ष्मता और सटीकता की मदद से, सर्जनों की टीम ने न केवल विकृति को ठीक किया, बल्कि जोड़ की प्राकृतिक संरचना को भी अत्यंत सटीकता से पुनस्र्थापित किया। इस सफल सर्जरी का नेतृत्व एक्स बिलासपुर के अस्थि रोग विशेषज्ञों डॉ. रंजीत चौधरी, डॉ. गौरव कुमार शर्मा, डॉ. अमित सलारिया और डॉ. देवेंद्र ने किया। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. विजयलक्ष्मी शिवापुरापु ने संभाली। पूरी टीम ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को उच्चतम पेशेवर मानकों के साथ पूरा किया। डॉ. रंजीत ने इस उपलब्धि पर कहा कि रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सेवाओं की शुरुआत एम्स बिलासपुर को विश्वस्तरीय अस्थि रोग चिकित्सा के मानचित्र पर स्थापित करती है। अब हम जटिल ट्रॉमा, रीढ़ की हड्डी की सर्जरी और खेल चोटों की आधुनिक सर्जरी के साथ-साथ रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण जैसी अत्याधुनिक प्रक्रियाएं भी कर सकते हैं। यह रोबोटिक प्रणाली ऑपरेशन के दौरान रियल-टाइम बैलेंसिंग और जोड़ों की अत्यंत सूक्ष्म एलाइनमेंट की सुविधा प्रदान करती है। इसकी मदद से पारंपरिक तकनीकों की तुलना में बेहतर परिणाम, कम जटिलताएं और मरीज की तेज रिकवरी संभव होती है। इससे रोगियों को ऑपरेशन के बाद जल्दी अपने सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिलती है। डॉ. गौरव कुमार शर्मा ने कहा कि यह तकनीक हिमाचल प्रदेश के हजारों मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। अब उन्हें उन्नत घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए राज्य के बाहर बड़े निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह सुविधा अब उनके अपने राज्य में एक सरकारी संस्थान में उपलब्ध है।
क्षेत्रीय उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में एम्स बिलासपुर
यह उपलब्धि एम्स बिलासपुर को अस्थि रोग चिकित्सा के क्षेत्र में एक क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करती है। इससे न केवल स्थानीय मरीजों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं मिलेंगी, बल्कि पूरे उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ होगा। एम्स बिलासपुर लगातार नई तकनीकों को अपनाकर और उत्कृष्ट क्लीनिकल सेवाएं प्रदान कर, हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया मानदंड स्थापित कर रहा है। यह सर्जरी न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में नवाचार और समर्पण की मिसाल भी है।












