15 साल बाद बदला पांवटा का सियासी समीकरण, नगर परिषद में कांग्रेस की दमदार वापसी
नाहन। पांवटा साहिब नगर परिषद चुनाव में इस बार भाजपा को बड़ा झटका लगा है। 15 वर्षों तक नगर परिषद की सत्ता पर पकड़ बनाए रखने वाली भाजपा इस बार बहुमत से दूर रह गई, जबकि कांग्रेस ने शानदार वापसी करते हुए नगर परिषद में मजबूत स्थिति बना ली है। परिणाम सामने आते ही देर रात तक पूरे शहर में कांग्रेस समर्थकों ने जश्न मनाया, ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का उत्सव मनाया गया और बाजारों में मिठाइयां बांटी गईं।
नगर परिषद के 13 वार्डों में कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा केवल 4 सीटों तक सिमट गई। वहीं कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत ने भी कांग्रेस खेमे को स्पष्ट बढ़त दिला दी है। ऐसे में अब नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर कांग्रेस का कब्जा लगभग तय माना जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में इस चुनाव परिणाम को भाजपा के लिए चेतावनी माना जा रहा है। शहर में लोगों का कहना है कि जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। लंबे समय बाद कांग्रेस को मिले इस समर्थन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि पांवटा की राजनीति अब नए मोड़ पर पहुंच चुकी है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगर परिषद चुनाव के ये परिणाम आने वाले विधानसभा और पंचायत स्तर की राजनीति पर भी सीधा असर डाल सकते हैं।






