एक डॉक्टर के सहारे 24 पंचायत
जिला के अंतर्गत धरवाला क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी एक गंभीर संकट से गुजर रहा है। यह हिमाचल प्रदेश का एकमात्र सीएचसी है जहां केवल एक डॉक्टर का पद स्वीकृत है। इस डॉक्टर पर पूरे केंद्र की जिम्मेदारी है, जो कि 24 पंचायतों की करीब 60,000 आबादी की स्वास्थ्य देखभाल के लिए अत्यंत अपर्याप्त है। ग्राम पंचायत लोथल, सुनारा, ब्रेही, राडी, प्रीणा, गाण, कुनेड, किलोड, डुलाड़ा, गुराड, लेच, बलौठ, खुदेल, धिमला, बकाण, दाडवी समेत 24 पंचायतों के लोगों को चिकित्सा सुविधा के लिए केवल सीएचसी चूड़ी पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन यहां केवल एक डॉक्टर कार्यरत है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सीएचसी सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक ही कार्य करता है। इसके बाद किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को 25-30 किलोमीटर दूर चंबा मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना पड़ता है, जिससे समय और साधनों की भारी बर्बादी होती है। स्थानीय ग्रामीणों संजय राजपूत, विक्रांत ठाकुर, रवि ठाकुर, हाकम चंद, कुलदीप कुमार, तिलक राज, गोपाल शर्मा, श्रवण कुमार, देव राज, पवन शर्मा, प्रवीन शर्मा, नरेश महाजन, बालक राम आदि ने सरकार से मांग की है कि सीएचसी चूड़ी में कम से कम 5 डॉक्टरों के पद तुरंत स्वीकृत किए जाएं, ताकि जनता को स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और सुलभ रूप में मिल सकें। ग्रामीणों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में लगभग सभी सीएचसी में 5 से 8 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, जिससे वहां की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। लेकिन चूड़ी ऐसा एकमात्र केंद्र है जहां स्वास्थ्य सेवाएं एक डॉक्टर के भरोसे हैं।
सरकार को कई बार लिखे पत्र: बीएमओ
खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) चूड़ी हरिंद्र पाल सिंह ने भी इस गंभीर मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि सीएचसी चूड़ी में लंबे समय से केवल एक डॉक्टर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि कई बार सरकार को पत्र लिखकर डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।












