जुब्बल में निजी स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्र की पिटाई का आरोप, घायल पैर पर भी मारे जूते, FIR दर्ज
शिमला। शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र में एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्रावास में रहने वाले 13 वर्षीय छात्र के साथ कथित मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित छात्र पिछले तीन-चार वर्षों से जुब्बल स्थित एक निजी स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा है और वर्तमान में आठवीं कक्षा का छात्र है। छात्र के पिता ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को उन्हें अन्य अभिभावकों से जानकारी मिली कि उनके बेटे के पैर में खेलते समय चोट लग गई है। इसके बाद उसे उपचार के लिए रोहड़ू के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में घुटने के पास मांसपेशी में चोट (मसल टियर) पाई गई और पैर में प्लास्टर लगाया गया।
परीक्षाओं के चलते छात्र को दोबारा छात्रावास भेज दिया गया। बाद में परीक्षाएं समाप्त होने पर उसे घर लाया गया और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद 11 मई को फिर से स्कूल भेजा गया। शिकायत के मुताबिक 15 मई को स्कूल के एक कर्मचारी ने फोन कर बताया कि छात्र के पैर में फिर से तेज दर्द हो रहा है। इसके बाद उसे सिविल अस्पताल रोहड़ू ले जाया गया, जहां दोबारा जांच के बाद पैर में फिर से प्लास्टर चढ़ाया गया।
छात्र के पिता का आरोप है कि 23 मई को उन्हें स्कूल के एक अन्य छात्र से फोन पर जानकारी मिली कि स्कूल के प्रिंसिपल अरुण ने छात्रावास के गलियारे में टूटे हुए बाथरूम के नल को लेकर उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की। शिकायत के अनुसार प्रिंसिपल ने बच्चे को लात-घूंसों से मारा, जमीन पर गिराया और उसके पहले से घायल पैर पर जूते से वार किया। आरोप यह भी है कि घटना की जानकारी परिवार को न देने के लिए छात्र को धमकाया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के समय स्कूल के कुछ शिक्षक और छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्र भी मौजूद थे और उन्होंने पूरी घटना देखी थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जुब्बल थाना में एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) और 351(2) के अलावा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






