न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के खिलाफ प्राथमिक शिक्षकों का बिगुल, 11 जुलाई से 'प्राथमिक शिक्षा बचाओ' पदयात्रा
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा लागू किए गए न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को लेकर प्राथमिक शिक्षकों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक फेडरेशन ने सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन का ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
फेडरेशन ने अपने अभियान को 'प्राथमिक शिक्षा बचाओ' नाम दिया है। इसके तहत 11 जुलाई को मां बगलामुखी मंदिर से विशाल पदयात्रा शुरू होगी, जो विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी। इसके बाद 26 जुलाई को राजधानी के चौड़ा मैदान में प्रदेशभर के हजारों शिक्षक महाधरना देंगे।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने बताया कि सरकार को 7 जुलाई तक का समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर सरकार शिक्षकों के साथ गंभीर और निर्णायक बातचीत नहीं करती, तो संगठन भविष्य में किसी भी वार्ता में शामिल नहीं होगा और आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
शिक्षक फेडरेशन का कहना है कि यह संघर्ष केवल शिक्षकों के हितों का नहीं, बल्कि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य को बचाने का अभियान है। संगठन का आरोप है कि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के कारण प्राथमिक स्तर पर बच्चों की खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) की भूमिका भी कमजोर पड़ रही है।
फेडरेशन ने प्रदेश में शिक्षकों की कमी पर भी चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, वर्तमान में करीब 5,000 जेबीटी शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जबकि लगभग 3,000 स्कूल एकल शिक्षक व्यवस्था के सहारे चल रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि सरकार को नई व्यवस्थाएं लागू करने के बजाय पहले खाली पद भरकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
फेडरेशन ने सरकार से न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम की समीक्षा करने और प्राथमिक शिक्षकों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन प्रदेशव्यापी और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।






