JBT से TGT हिंदी पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में कार्यरत जेबीटी शिक्षकों को भाषा शिक्षक/टीजीटी हिंदी के पद पर दी गई पदोन्नति पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि इन पदोन्नतियों को जारी रहने दिया गया, तो यह अधिकारियों द्वारा की गई कथित गैरकानूनी कार्रवाई को वैधता प्रदान करने जैसा होगा।
अदालत ने मामले से जुड़े सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार को 5 अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को निर्धारित की गई है।
मामले के अनुसार शिक्षा विभाग ने सेवारत जेबीटी शिक्षकों को भाषा शिक्षक (टीजीटी हिंदी) पद पर पदोन्नत करने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) का गठन किया था। स्कूल शिक्षा निदेशक की ओर से चंबा के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को निर्देश दिए गए थे कि केवल उन्हीं जेबीटी शिक्षकों के नामों पर विचार किया जाए, जो वर्ष 2009 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत निर्धारित योग्यता और सेवा अवधि पूरी करते हों। इसके आधार पर 31 मार्च 2026 को पदोन्नति आदेश जारी किए गए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने 18 फरवरी 2025 को टीजीटी हिंदी के लिए नए भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2025 अधिसूचित किए थे, जिन्हें 22 फरवरी 2025 को राजपत्र में भी प्रकाशित किया गया था। नए नियम लागू होने के साथ ही वर्ष 2009 के पुराने नियम स्वतः निरस्त हो गए थे।
याचिका में तर्क दिया गया कि 18 फरवरी 2025 के बाद आयोजित किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति को नए भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2025 के आधार पर ही पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी। ऐसे में पुराने नियमों के आधार पर जारी की गई पदोन्नतियां नियमों के विपरीत हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।






