'हारमनी ऑफ द पाइंस' विवाद फिर गरमाया, दो महिला पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप
शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस के चर्चित सांस्कृतिक बैंड 'हारमनी ऑफ द पाइंस' से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बैंड से जुड़ी दो महिला पुलिसकर्मियों ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ महिला पुलिस थाना शिमला में शिकायत दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रीय महिला आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग को भी भेजी गई है।
शिकायत में दोनों महिला पुलिसकर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें लंबे समय से कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न, मानहानि, धमकियों और अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस माहौल का उनके मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।
मोबाइल और लोकेशन पर नजर रखने का आरोप
शिकायत के अनुसार, पुलिस ऑर्केस्ट्रा के पूर्व प्रभारी अधिकारी के निलंबन के बाद बैंड के सभी सदस्यों को उनसे किसी भी प्रकार का संपर्क न रखने के निर्देश दिए गए। महिला पुलिसकर्मियों का आरोप है कि उन्हें यह भी कहा गया कि उनके मोबाइल फोन, लोकेशन और बातचीत पर नजर रखी जा सकती है। उनका कहना है कि इससे उनके भीतर भय और असुरक्षा का माहौल बन गया और उनकी निजता प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कर चुकी हैं प्रतिनिधित्व
दोनों महिला पुलिसकर्मियों ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिमाचल प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व किया है। उनका सेवा रिकॉर्ड भी संतोषजनक रहा है और उन्होंने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया है।
पहले से विवादों में है 'हारमनी ऑफ द पाइंस'
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब 'हारमनी ऑफ द पाइंस' के पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार का निलंबन पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। विभागीय कार्रवाई को चुनौती देते हुए उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
महिला पुलिस थाने में प्राप्त शिकायत पर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है। फिलहाल संबंधित वरिष्ठ अधिकारी की ओर से इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।






