चीन सीमा तक पहुंचेगा हिमाचल का फोरलेन नेटवर्क! रामपुर से किन्नौर तक सड़क विस्तार की तैयारी
शिमला: हिमाचल प्रदेश में फोरलेन नेटवर्क को अब सिर्फ पर्यटन और यातायात सुविधा तक सीमित रखने के बजाय सामरिक जरूरतों के अनुरूप चीन सीमा तक विस्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। परवाणू-शिमला फोरलेन के बाद सरकार इसकी कड़ी को रामपुर से आगे किन्नौर और चीन सीमा से सटे क्षेत्रों तक ले जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखने की तैयारी में है।
प्रदेश सचिवालय स्तर पर इसको लेकर प्रारंभिक मंथन शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि आगामी मंत्रिमंडल बैठक में प्रस्ताव लाकर इसे केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के समक्ष भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
परवाणू-शिमला फोरलेन के बाद अब रामपुर तक विस्तार
परवाणू-शिमला फोरलेन परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। कैथलीघाट तक दो चरणों का काम पूरा हो चुका है, जबकि कैथलीघाट से शिमला तक तीसरे चरण का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा फोरलेन नेटवर्क को रामपुर तक आगे बढ़ाने की मंजूरी भी मिल चुकी है।
अब सरकार की नजर रामपुर से आगे किन्नौर और सीमा क्षेत्र तक सड़क संपर्क मजबूत करने पर है। किन्नौर चीन सीमा से सटा होने के कारण सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जिला है।
रक्षा मंत्रालय तय करेगा सामरिक जरूरत
सरकार की ओर से प्रस्ताव केंद्र तक पहुंचने के बाद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के स्तर पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। रक्षा मंत्रालय सीमा क्षेत्र की जरूरत, सेना की आवाजाही, सामरिक आपूर्ति और सुरक्षा के लिहाज से सड़क नेटवर्क की उपयोगिता का आकलन करेगा।
यदि केंद्र से मंजूरी मिलती है तो रामपुर से आगे किन्नौर होते हुए सीमा क्षेत्र तक मजबूत और आधुनिक सड़क संपर्क विकसित करने का रास्ता खुल सकता है।
सिर्फ पर्यटन नहीं, सुरक्षा भी बनेगी प्राथमिकता
सरकार का फोकस अब हिमाचल के सड़क नेटवर्क को केवल पर्यटन और सामान्य यातायात की जरूरतों के हिसाब से विकसित करने तक सीमित नहीं है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आवाजाही और सामरिक आधारभूत ढांचे को भी प्राथमिकता देने की तैयारी है।
रामपुर के आगे फोरलेन का विस्तार होने की स्थिति में यह हिमाचल के सबसे बड़े सड़क और सामरिक कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकता है।
पठानकोट-लेह कनेक्टिविटी भी एजेंडे में
इसके साथ ही सरकार पठानकोट से लेह तक बेहतर फोरलेन कनेक्टिविटी का मुद्दा भी केंद्र के समक्ष उठाने की तैयारी कर रही है। हिमाचल के सीमावर्ती इलाकों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के साथ यह मार्ग सेना की आवाजाही और सामरिक आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
फिलहाल प्रदेश सरकार प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटी है। इसके बाद इसे मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा और मंजूरी मिलने पर केंद्र सरकार को भेजा जा सकता है।
यानी आने वाले समय में हिमाचल का फोरलेन नेटवर्क शिमला से आगे रामपुर, किन्नौर और संभावित रूप से चीन सीमा के करीब तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।






